
मांडा के समितियों में यूरिया, डीएपी नदारद, एनपीके उपलब्ध
संक्षेप: Gangapar News - मांडा। मांडा क्षेत्र के आठों साधन सहकारी समितियों में केवल मांडा खास साधन सहकारी समिति
मांडा क्षेत्र के आठों साधन सहकारी समितियों में केवल मांडा खास साधन सहकारी समिति में यूरिया खाद उपलब्ध है। शेष अन्य सात समितियों में यूरिया, डीएपी के स्थान पर एनपीके खाद उपलब्ध बतायी गयी। यूरिया के लिए अन्य न्याय पंचायत क्षेत्र के किसान मांडा समिति के चक्कर काटते हैं। मांडा क्षेत्र में मांडा खास, कोसड़ाकला, महुआरीकला, बरहाकला, महेवाकला, चकडीहा, हाटा और मझिगवां सहित कुल आठ साधन सहकारी समितियां हैं। इनमें हाटा और मझिगवां साधन सहकारी समितियों का ब्लॉक मांडा, लेकिन तहसील कोरांव है। शनिवार को मांडा खास साधन सहकारी समिति में यूरिया खाद उपलब्ध रही, लेकिन अन्य समितियों में यूरिया, डीएपी के स्थान पर एनपीके खाद उपलब्ध बतायी गयी।

हालांकि क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि अभी फिलहाल वे खेतों में बरसाती पानी से डूबे धान के बचाव और धूप में भीगे धान के पेड़ सुखाने में लगे हुए हैं। मांडा क्षेत्र की खेती प्रायः काफी पीछे रहती है। जब गेहूं की बोआई शुरु होगी, तब किसानों को खाद की जरूरत पड़ेगी। आलू की बोआई भी अभी मांडा क्षेत्र के कुछ गांवों के किसानों ने ही शुरू किया है। खतौनी और आधारकार्ड के फिंगर प्रिंट पर ही खाद मिल पाने के कारण महिला व वृद्ध किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।

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