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जवान की मौत के बाद गांव में मातम, अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़

जवान की मौत के बाद गांव में मातम, अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़

संक्षेप:

Gangapar News - गाड़ी ओवरटेक करने के विवाद में सेना के जवान की पिटाई से हुई थी मौत

Tue, 2 Dec 2025 04:24 PMNewswrap हिन्दुस्तान, गंगापार
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सेना के जवान विवेक सिंह की हत्या ने पूरे करछना क्षेत्र को शोक और आक्रोश से भर दिया है। मंगलवार की सुबह ठीक ग्यारह बजे जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो वातावरण मातम से भर गया। विवेक कुछ दिनों की छुट्टी लेकर वैवाहिक कार्यक्रम में आए थे, लेकिन ओवरटेकिंग विवाद में पांच लोगों की बेरहम पिटाई ने उनका जीवन छीन लिया। परिवार इस दर्दनाक सच को स्वीकार ही नहीं कर पा रहा कि जो बेटा, पति और पिता हंसते हुए घर से निकला था, वह ताबूत में लौट आया। घर पहुंचते ही परिवार का विलाप रुकने का नाम नहीं ले रहा था।

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सेना के जवानों ने विवेक को गॉड ऑफ ऑनर की सलामी देकर अंतिम सम्मान दिया। यह क्षण इतना मार्मिक था कि वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं। पिता उमाकांत सिंह बार-बार आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग करते रहे। ग्रामीण भी आवाज उठाते रहे कि यह केवल एक परिवार की नहीं, पूरे गांव की क्षति है। अंतिम यात्रा जब मनैया घाट की ओर बढ़ी, तो मानो पूरा गांव साथ चल पड़ा। एसडीएम करछना भारती मीणा, भारी पुलिस बल, आर्मी के जवान और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। हर चेहरे पर दुख और गुस्सा साफ झलक रहा था। सबसे भावुक क्षण तब आया जब चार साल का बेटा वेदांस ताबूत के पास पहुंचा। वह बार-बार मासूमियत से पूछता रहा कि पापा बॉक्स में क्यों हैं? पापा नहाने गए हैं क्या? उसकी यह बात सुनकर हर किसी की आंखें भर आईं। वहीं, श्रद्धांजलि देते समय उस मासूम के हाथ जोड़ने का दृश्य लोगों के दिलों को चीर गया। मनैया घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान विवेक सिंह को मुखाग्नि उनके बुजुर्ग पिता ने दी। वृद्ध पिता के कांपते हाथों का वह दृश्य इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा। परिवार के लिए यह क्षण असहनीय था। मृतक के चाचा, जो सेना से सेवानिवृत्त हैं, ने सरकार से कड़ी मांग की है। उन्होंने कहा कि विवेक के हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए, विवेक की पत्नी को सरकारी नौकरी मिले और बेटे वेदांस की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार वहन करे। परिजनों ने बताया कि 30 नवंबर को ही करछना थाने में कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन अब जवान की मौत के बाद गांव में न्याय की पुकार और तेज हो गई है। लोग आज भी नम आंखों से अपने लाल को अंतिम विदाई दे रहे हैं।