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22 सितम्बर, 2020|11:13|IST

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रोजेदारों का कठित इम्तिहान है रमजान का महीना

रोजेदारों का कठित इम्तिहान है रमजान का महीना

रोजा रखने वाले रोजेदारों का कठिन इम्तिहान का दौर है। इस समय रोजा रखनेवाले लोगों को अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना है।

इम्युनिटी पावर बना रहे इसके लिए मुकद्दस रमजान में सहरी और इफ्तार रोजेदारों का स्वास्थ्य मेंटेन रखेगा। यह बाते डॉ. आलोक शुक्ल ने रमजान के रोज रख रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों को सलाह देते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस पवित्र महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखकर अललाह की इबादत करते हैं। दिनभर भूख प्यास को बरदाश्त कर वह रोजा रखते हैं। इस दौरान वह कई बीमारियों से मुक्त हो जाते हैं। सबसे अधिक फायदा पेट के मरीजों को मिलता है। कहा कि सहरी और इफ्तार के पीछे वैज्ञानिक कारण है, रमजान माह में मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए इबादत को जरूरी बताया गया। मोहम्मद सोहराब ने बताया कि रोजेदारों को सहरी के दौरान ब्रेड आलू, पनीर, केला, सेब, दूध, दही के साथ ही खजूर का प्रयोग करना चाहिए। इसके अलावा यदि हो सके तो सहरी और इफ्तार में खीरा संतरा और तरबूज जैसे फल की व्यवस्था हो जाए तो इससे शरीर में पानी भी बना रहेगा।

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  • Web Title:The month of Ramadan is a hard test of Rojedar