बारा के पहाड़ी क्षेत्रों में गहराया पेयजल संकट
बारा/शंकरगढ़,हिन्दुस्तान संवाद। बारा तहसील के पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। जलस्तर

बारा तहसील के पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। जलस्तर नीचे जाने से कई गांवों में हैंडपंप और जलस्रोत जवाब देने लगे हैं। प्रशासन को टैंकरों से पानी पहुंचा रहा है।टैंकर गांव में पहुंचते ही ग्रामीण पानी लेने के लिए उमड़ पड़ते हैं और लंबी कतारें लग जाती है। क्षेत्र के ग्राम पंचायत नीबी, लखनपुर, जनवा, लोहगरा, और जसरा के गींज आदि पहाड़ी गांवों में टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। शंकरगढ़ के पहाड़ी कला की हरिजन बस्ती में स्थिति और गंभीर बनी हुई है।लगभग 50 घरों के लिए मात्र एक पंप ही सहारा है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
नगर पंचायत शंकरगढ़ के कुछ वार्डों में पानी का जलस्तर बिल्कुल नीचे चला गया है जहां पर कई समरसेबल बंद हो चुके हैं वहां पर भी जल संचय टैंकों से लोगों का काम चल रहा है और टैंकर भी लगाए गए हैं परंतु पीने योग्य पानी की सही व्यवस्था नहीं है।प्रशासन की कार्रवाई नगर पंचायत में लगे आरो प्लांट से ही लोग पीने के लिए पानी ले। यह पानी शुद्ध है। अमित कुमार अधिशासी अधिकारी शंकरगढ़ द्वारा बताई गई है। खंड विकास अधिकारीग्राम पंचायतों के माध्यम से विकास खंड में 45 तथा क्षेत्र पंचायत से 90 सोलर पंप लगाए गए हैं। इसके अलावा 11 पानी के टैंकर उपलब्ध हैं, इनमें से चार स्थानों पर नियमित रूप से पानी का वितरण कराया जा रहा है, जबकि अन्य टैंकर मांग के अनुसार गांवों में भेजे जा रहे हैं। जिला प्रशासन से अतिरिक्त पांच टैंकरों की मांग की गई है। लोहगरा के जज्जी के पूर्वा में आठ नए सोलर पंप लगाए गए हैं। इस गांव में हर वर्ष गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न होता था, लेकिन इस बार नए पंप लगने से ग्रामीणों को काफी राहत मिली है। मनोज कुमार सिंह खंड विकास अधिकारी शंकरगढ़ ।
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