Gangapar News: तीन दशक बाद बाजार में दिखा सनई का साग, 220 रुपये किलो बिक्री
हिन्दुस्तान, गंगापार
Gangapar News: कौंधियारा/करछना में सनई के फूलों की बिक्री से गांव के बुजुर्गों को पुरानी यादें ताजा हुईं। तीन दशकों के बाद सनई के फूल बाजार में आए हैं। मिर्जापुर के कछवा से धर्मराज भरतीया ने सनई के फूल 200 रुपये किलो में खरीदे और करछना-कोहड़ार मार्ग पर उन्हें 220 रुपये किग्रा में बेचा।

Gangapar News: कौंधियारा/करछना, हिंस। कभी गांवों में पशुओं के पौष्टिक चारे और सन के लिए खूब उगाई जाने वाली सनई अब लगभग खेतों से गायब हो चुकी है। करीब तीन दशक बाद सनई के फूल का साग बाजार में देखकर गांव के बुजुर्ग भी पुराने दिनों को याद कर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं। मंगलवार को मिर्जापुर के कछवा से संजई गांव के धर्मराज भरतीया सनई के फूल लेकर करछना-कोहड़ार मार्ग पर बिक्री के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि कछवा में सनई का फूल 200 रुपये किलो मिला, जिसे यहां 220 रुपये किग्रा. में बेचा जा रहा है।


