पुरुषोत्तम मास शुरू, जप-तप, दान के साथ होंगे अनुष्ठान
गौहनिया, हिन्दुस्तान संवाद। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष 15 जून तक अधिक मास रहेगा।

हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष 15 जून तक अधिक मास रहेगा। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और यह भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह में जप, तप, दान, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है। पुराणों के अनुसार अधिक मास लगभग तीन वर्ष में एक बार आता है जो चंद्र और सौर गणना के संतुलन के लिए जोड़ा जाता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। इस दौरान व्रत कथा भजन कीर्तन और तीर्थाटन करना विशेष फलदाई माना जाता है। प्रमुख मंदिरों और तीर्थ स्थलों में इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं।
पूजा विधि
ज्योतिष विशेषज्ञ पं उमेश शास्त्री दैवज्ञ के अनुसार पुरुषोतम मास में प्रतिदिन प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु और भगवान शिव का पूजन करना शुभ माना जाता है। पूजा में तुलसी दल, पीले पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किए जाते हैं।
संकट और कष्ट से मिलती है मुक्ति
पुराणों में कहा गया है कि इस महीने में किए गए जप, तप, दान, स्नान, व्रत और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस मास में श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान विष्णु और शिव की आराधना करता है उसके जीवन के कष्ट दूर होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। यह महीना संयम, सेवा और सत्कर्म का संदेश देता है। धार्मिक ग्रंथों में पुरुषोत्तम मास को मोक्षदायक भी बताया गया है।
सामान्य प्रश्न
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