रात में तीन घंटे भी नहीं मिल पा रही बिजली, बढ़ी परेशानी

Newswrap हिन्दुस्तान, गंगापार
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मांडा। गर्मी बढ़ने के साथ ही विद्युत कटौती भी बढ़ गई है। रोस्टर के अलावा भी हो रही बिजली की अघोषित कटौती से हर वर्ग प्रभावित और परेशान है। उपभोक्त

रात में तीन घंटे भी नहीं मिल पा रही बिजली, बढ़ी परेशानी

गर्मी बढ़ने के साथ ही विद्युत कटौती भी बढ़ गई है। रोस्टर के अलावा भी हो रही बिजली की अघोषित कटौती से हर वर्ग प्रभावित और परेशान है। उपभोक्ताओं को रात में चार घंटे भी लगातार बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे लोगों को रतजगा करना पड़ रहा है। मांडा क्षेत्र के 69 ग्राम पंचायतों के 193 गांवों को सकुशल बिजली आपूर्ति के लिए मांडारोड, भारतगंज, हाटा, सुरवांदलापुर और नेवढ़िया विद्युत उपकेंद्र बनाये गये हैं। सबसे पहले वर्ष 1966 में मांडारोड विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की गई। जनसंख्या और आबादी के विस्तार के साथ ही विद्युत केंद्रों की संख्या पांच कर दी।

उपकेंद्रों और कर्मचारियों की संख्या तो बढ़ा दी गई, लेकिन व्यवस्था में कोई खास बदलाव नहीं हो पाया। पूरे क्षेत्र में लगे ज्यादातर विद्युत तार, पोल और ट्रांसफार्मर 1966 माडल ही हैं। जर्जर विद्युत तारों और पोल को बदलकर बंद केबिल लगाने का अभियान मांडा क्षेत्र में पूरी तरह बेअसर रहा। परिणामत: हल्के हवा के झोंके के साथ जगह जगह से तार टूट जाते हैं और तेज हवा चलने पर पोल भी धराशाई हो जाते हैं। मांडा उपरौध क्षेत्र के सोनबरसा , बदौआ ,पियरी , नेवारी आदि तमाम गांवों में बांस की लकड़ी के माध्यम से विद्युत तार दौड़ाकर बिजली की आपूर्ति पिछले कई सालों से की जा रही है।मांडा क्षेत्र की बिजली आपूर्ति मिर्जापुर जनपद के जिगना उपकेंद्र से की जाती है। प्रयागराज यमुनापार बुंदेलखंड क्षेत्र होने के कारण यहां के उपभोक्ताओं से मिर्जापुर जनपद की अपेक्षा अनवरत आपूर्ति का विद्युत बिल विभाग वसूलता है, लेकिन मिर्जापुर जनपद के विद्युत अधिकारी मांडा क्षेत्र को बिजली की आपूर्ति अपने हिसाब से करते हैं। पिछले एक सप्ताह से विद्युत कटौती का कोई रोस्टर ही नहीं है । पिछले एक सप्ताह से रात में कई किश्तों में अधिकतम चार घंटे भी मांडा क्षेत्र को बिजली नहीं मिल पा रही है। दिन में भी अघोषित विद्युत कटौती से हर वर्ग प्रभावित और परेशान है। मांडा क्षेत्र के मांडा खासप्रथम व द्वितीय, राजापुर, धनावल सहित सभी पेयजल समूह विद्युत आधारित हैं। बिजली न रहने पर इन पेयजल समूहों से पेयजल की आपूर्ति भी यथासमय नहीं हो पाती। भीषण गर्मी में बिजली, पानी के अभाव में हर वर्ग तो प्रभावित और परेशान होता ही है। उन परिवारों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है, जिनके यहां मांगलिक कार्यक्रम हैं और परिवार के सदस्यों की संख्या बढ़ गई है।

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