शट डाउन, ब्रेक डाउन का खामियाजा भुगत रहे उपभोक्ता
Gangapar News - बिन बिजली करना पड़ रहा रतजगा मांडा। सांझ होते ही बिजली की अघोषित कटौती शुरू हो जाती है। पूरे क्षेत्र को रात भर में तीन घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं

सांझ होते ही बिजली की अघोषित कटौती शुरू हो जाती है। पूरे क्षेत्र को रात भर में तीन घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है । पूरी रात बिजली की अघोषित कटौती से हर वर्ग प्रभावित और परेशान है। लोग मच्छरजनित रोगों के शिकार हो रहे हैं। विभागीय कर्मचारी शट डाउन, ब्रेक डाउन और फाल्ट का रटा रटाया ज़वाब देते हैं। मांडा क्षेत्र को सुचारू रुप से बिजली आपूर्ति के लिए मांडा रोड, भारतगंज, सुरवांदलापुर, हाटा और नेवढ़िया विद्युत उपकेंद्र बनाये गये हैं। इन दिनों भीषण गर्मी के चलते उपभोक्ताओं को बिजली की बेहद जरूरत है। विद्युत आपूर्ति की दशा यह है कि सांझ होते ही बिजली की आवाजाही शुरू हो जाती है, जो पूरी रात चलती है।
रात्रिकालीन विद्युत कटौती का कोई निश्चित रोस्टर न होने से हर वर्ग प्रभावित और परेशान है। पिछले एक सप्ताह से रात भर में तीन घंटे भी मांडा इलाके को लगातार बिजली नहीं मिल पा रही है। मंगलवार को दस बजे रात गायब हुई समूचे मांडा क्षेत्र की बिजली बारह बजे रात लौटी , लेकिन पुनः साढ़े बारह बजे गायब होकर सुबह सवा पांच बजे आयी और सात बजे फिर दस बजे दिन तक के लिए गायब हो गयी । रात भर में ढाई घंटे भी निर्बाध रुप से मांडा क्षेत्र के 193 गांवों और भारतगंज कस्बे को बिजली नहीं मिल पा रही है। विद्युत कर्मियों का कहना है कि गर्मी के चलते लोड अधिक होने के कारण रात में अक्सर जगह जगह से जर्जर तार टूट जाते हैं, फ्यूज उड़ जाता है या अन्य तकनीकी गड़बड़ी के चलते विद्युत आपूर्ति में दिक्कत आती है । इन परेशानियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। हाटा सहित विभिन्न उपकेंद्रों के जर्जर विद्युत पोल और तारों से की जा रही विद्युत आपूर्ति अक्सर तकनीकी गड़बड़ी का शिकार हो जाती है । जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है।
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