Gangapar News: नवीन मंडी स्थल जसरा बना झील, कार्यालय भी डूबा
Gangapar News: लगातार बारिश से मंडी बनी झील, कार्यालय सहित पूरा परिसर जलमग्न सचिव ने जेई के साथ किया स्थलीय निरीक्षण, सड़क मरम्मत व जल निकासी का प्रस्ताव भेजा जसर

Gangapar News: यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन मंडी स्थल जसरा लगातार बारिश के बाद झील में तब्दील हो गई है। महीनों से मंडी परिसर में जलभराव के कारण सड़कें कीचड़ से पट गई हैं। बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर गया है और पूरे परिसर में दुर्गंध फैली हुई है। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार होने वाले इस मंडी में किसान, व्यापारी और पल्लेदार भारी मुश्किलों के बीच काम करने को मजबूर हैं। नवीन मंडी स्थल जसरा परिसर की बिजली भी महीनों से खराब पड़ी है। रात में आने वाले ट्रकों से सब्जियां लादने और उतारने का कार्य अंधेरे में किया जा रहा है।
एक सप्ताह पहले अंधेरे में काम कर रहे एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। इलाज के बाद उसकी किसी तरह जान बच सकी थी।बुधवार को मंडी सचिव श्यामलाल पटेल ने मंडी परिषद के जेई के साथ मंडी का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जल निकासी, नाली निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत तथा चट्टों पर लगे टीनशेड की मरम्मत का आकलन कर प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और मंडी अध्यक्ष अजय साहू ने बताया कि जलभराव से प्रतिदिन व्यापार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी राज कमल मांजू, रमाशंकर कौशल व नवीन ने कहा कि पूरी मंडी केवल दो हैंडपंप के सहारे चल रही है, जबकि सड़कें पूरी तरह दलदल में तब्दील हो चुकी है। वहीं किसान राकेश कुशवाहा, नागेंद्र, राजीव, राधेश्याम सोनकर व कमलेश कुशवाहा ने बताया कि गड्ढों में वाहन फंसने और पलटने से सब्जियां बर्बाद हो रही हैं। जब कि पल्लेदार योगराज और अखिलेश ने कहा कि एक क्विंटल तक का बोझ उठाकर कीचड़ में चलना जान जोखिम में डालने जैसा है। मंडी परिसर में करीब पांच वर्ष पहले बना सार्वजनिक शौचालय आज भी बंद पड़ा है। जिससे महिला, किसान और कर्मचारियों को खुले में शौच जाने की मजबूरी बनी हुई है। निरीक्षण के दौरान आढ़ती मुन्ना सोनकर, बबोल सोनकर, शिवबाबू पटेल व सुशील केसरवानी, महेंद्र सोनकर, दिनेश कुशवाहा, सीताराम केसरवानी सहित किसान और व्यापारियों ने समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की है।


