सड़क किनारे महुआ का हरा पेड़ काटा, जांच की मांग

Mar 08, 2026 05:22 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गंगापार
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Gangapar News - मांडा। क्षेत्र में हरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा

सड़क किनारे महुआ का हरा पेड़ काटा, जांच की मांग

क्षेत्र में हरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विभिन्न गांवों में बड़े पैमाने पर हरे पेड़ों पर आरी चलाई जा रही है, लेकिन संबंधित वन विभाग के अधिकारी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण ही लकड़ी माफिया बेखौफ होकर प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई स्थानों पर आम, महुआ ,नीम, शीशम और अन्य छायादार व उपयोगी पेड़ों को निशाना बनाया जा रहा है। रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और छोटे मालवाहक वाहनों से लकड़ियों की ढुलाई खुलेआम की जा रही है।

संबंधित विभाग को इसकी पूरी जानकारी है, इसके बावजूद न तो छापेमारी हो रही है और न ही दोषियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब भी शिकायत की जाती है, तो कार्रवाई का केवल आश्वासन मिलता है। क्षेत्र के ग्राम पंचायत गिरधरपुर के भरथीपुर गांव के समीप सड़क के किनारे विशालकाय महुआ का पेड़ था। शनिवार को सुबह ही उक्त हरे महुए के पेड़ जमींदोज कर दिया गया । मामले में जब वन दरोगा मांडा आदर्श त्रिपाठी से वार्ता की गयी, तो उन्होंने बताया कि पेड़ व जमीन के मालिक ने पेड़ कटवाने के लिए चार महीने पहले ही परमिशन के लिए उच्चाधिकारियों के यहां प्रार्थना पत्र दिया था। कोई भी शिकायत न आने पर जांच के बाद वन विभाग के परमिशन पर वह पेड़ काटा गया है।

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