गुड़िया तालाब की जमीन पर अतिक्रमण, प्रशासन सख्त
Gangapar News - तहसीलदार बारा ने किया निरीक्षण, तीन साल पहले 17 मकानों को कराया गया था ध्वस्त
नगर पंचायत शंकरगढ़ स्थित गुड़िया तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन गुरुवार देर शाम तहसीलदार बारा, राजस्व निरीक्षक, हल्का लेखपाल और अधिशासी अधिकारी के साथ मौके पर निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार बारा ने कहा कि तालाब की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने राजस्व कर्मचारियों को अवैध कब्जा करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ धारा 67 के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। नगर पंचायत शंकरगढ़ का गुड़िया तालाब राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। यहां वर्षों से अतिक्रमण है।
तालाब की जमीन पर सैकड़ों की संख्या में अवैध मकान बनाए जा चुके हैं। लगभग तीन वर्ष पूर्व न्यायालय के आदेश पर तहसील प्रशासन ने 17 मकानों को ध्वस्त भी कराया था, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। ध्वस्तीकरण किए गए मकान पुनः बन रहे हैं। शिकायत की गई है कि तालाब के किनारे ही नहीं, बल्कि उसके भीतर तक अवैध निर्माण कराया जा रहा है, जिससे जलभराव की प्राकृतिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। तहसीलदार बारा रोशनी सोलंकी, अधिशासी अधिकारी अमित कुमार, राजस्व निरीक्षक देवी शंकर, हल्का लेखपाल विनय कुमार सहित नगर पंचायत के कर्मचारी मनीष केसरवानी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान कुछ महिलाओं ने कहा कि पूर्व में उनके मकानों को तो गिरा दिया गया, लेकिन अब भी कई लोग तालाब की जमीन पर कब्जा किए हुए हैं, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस पर तहसीलदार बारा ने आश्वासन दिया कि सभी मामलों में समान रूप से कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।तहसीलदार बारा ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करना कानूनन अपराध है और इस पर सख्ती से निपटा जाएगा।प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
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