Hindi NewsUttar-pradesh NewsGangapar NewsIllegal Encroachments Threaten Historic Rani Talab Linked to Former PM Vishwanath Pratap Singh
अवैध कब्जों के कारण रानी का तालाब नहीं बन पा रहा अमृत सरोवर

अवैध कब्जों के कारण रानी का तालाब नहीं बन पा रहा अमृत सरोवर

संक्षेप:

Gangapar News - मांडा। स्थानीय प्रशासन की उपेक्षा और लापरवाही के चलते आम तालाब तो दूर, पूर्व प्रधानमंत्री

Dec 04, 2025 03:13 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गंगापार
share Share
Follow Us on

स्थानीय प्रशासन की उपेक्षा और लापरवाही के चलते आम तालाब तो दूर, पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के नाम से जुड़ा, मांडा राजमहल की रानी के नाम पर निर्मित 27 बीघे का रानी का तालाब अवैध कब्जों के चलते चार बीघे भी नहीं बचा है। अवैध कब्जा के चलते प्रस्ताव के बावजूद यह तालाब अमृत सरोवर नहीं बन पाया। विकास खंड मांडा से सटे मांडा खास ग्राम पंचायत में स्थित 27 बीघे के रानी के तालाब पर पिछले कुछ वर्षों में अवैध कब्जों की ऐसी प्रतियोगिता चली कि अब यह तालाब चार बीघे भी नहीं बचा हुआ है। इस तालाब को अमृत सरोवर बनाने का सारा सपना ग्राम पंचायत का असफल केवल इसलिए हो जाता है क्योंकि इस तालाब को स्थानीय प्रशासन अवैध कब्जों से मुक्त नहीं करा पा रहा है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

कुछ वर्षों पहले तक इस तालाब को जिला पंचायत मत्स्य पालन और खेती के लिए पट्टे पर देता था, लेकिन इसी दौरान तमाम लोगों ने तालाब परिसर में अपने मकान, दुकान और शौचालय बना लिये। मांडा थाने के ठीक पीछे स्थित करोड़ों की इस जमीन पर तमाम भूमाफियाओं का अवैध कब्जा होने कारण विगत चार वर्षों से तालाब में पानी ही एकत्रित नहीं हो पा रहा है। तालाब के पश्चिमी छोर पर सैकड़ों वर्षों पूर्व बनाया विशाल शिवालय भी अवैध कब्जे के चलते निरंतर क्षतिग्रस्त होता जा रहा है। ऐसा नहीं इस तालाब को अवैध कब्जा से मुक्त कराने का प्रयास नहीं हुआ। लोगों ने अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा, खबर भी प्रकाशित किये गए, लेकिन खबर प्रकाशित होने के बाद तहसील कर्मियों के जांच के बाद अवैध कब्जा हटना तो दूर, इस तालाब परिसर में नये नये भवनों का तेजी से निर्माण बेरोकटोक शुरु हो गया। शासन द्वारा तालाबों और सरकारी स्थानों पर किये गए अवैध कब्जे हटाने का सिलसिला शुरु किये जाने के बाद लोगों में उम्मीद जगी है कि मांडा का रानी का तालाब भी कब्जा मुक्त होगा, लेकिन फिलहाल अभी तक मांडा राजमहल और एक पूर्व प्रधानमंत्री के नाम से जुड़े होने के बाद भी इस तालाब को अवैध कब्जा मुक्त कराने का कोई भी प्रयास स्थानीय प्रशासन द्वारा शुरू नहीं हुआ है।