
मांडा की आठ समितियों में केवल एक में यूरिया उपलब्ध
Gangapar News - मांडा। हाटा समिति को छोड़कर मांडा के अन्य सभी सातों समितियों में यूरिया खाद न
हाटा समिति को छोड़कर मांडा के अन्य सभी सातों समितियों में यूरिया खाद न होने से किसान परेशान हैं। समितियों के डिमांड व चेक जिले में जमा हैं, लेकिन फिलहाल शुक्रवार को भी हाटा समिति को छोड़कर मांडा के अन्य सात समितियों में यूरिया नहीं थी । इस समय किसानों को खेती के लिए यूरिया की सख्त जरूरत है, लेकिन हाटा के अलावा मांडा के सात समितियों में कहीं भी यूरिया उपलब्ध न होने से किसान परेशान रहे। हाटा में मंगलवार को 1288 बोरी यूरिया आने की जानकारी होते ही पिछले दो दिनों से किसानों की भारी भीड़ एकत्रित हो गयी।
अन्य समितियों के परेशान किसान यूरिया की तलाश में विभिन्न समितियों के चक्कर काटते रहे। समितियों के चेक जमा हैं, लेकिन जिले से कम मात्रा में भेजी जाने वाली यूरिया आते ही खत्म हो जाती है। मझिगवां, चकडीहा, महुआरी कला, कोसड़ा कला, मांडा खास, महेवॉ कला, बरहाकला में डीएपी और यनपीके उपलब्ध है, लेकिन यूरिया नदारद है। समितियों ने डिमांड और चेक जमा किया है, लेकिन यूरिया अत्यल्प मात्रा में यूरिया आबंटित की जाती है, जो समितियों में आते ही खत्म हो जाती है। साधन सहकारी समिति मांडा द्वारा एक सप्ताह पहले यूरिया हेतु चेक जमा किया गया है। मांडा खास समिति में छह लाख रुपये लागत का 125 रुपये बाटल की नैनो डीएपी और 600 रुपये बाटल की नैनो यूरिया रखी है, लेकिन इसे कोई किसान नहीं लेता। नैनो डीएपी की बाध्यता समिति संचालकों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि जिस तरह से समितियों के लिए जिले से यूरिया का डिमांड के अनुपात में काफी कम यूरिया खाद आबंटित की जाती है, वह बेहद कम होती है और आते ही चार घंटे में खत्म हो जाएगी। किसानों को यथासमय खाद भी मांडा की समितियों द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जाता, जिससे किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है और फसल की उपज पर भी असर पड़ता है।

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