किसान फार्मर रजिस्ट्री ने बढ़ाई किसानों की फजीहत
Gangapar News - पालपट्टी के किसानों को खाद और पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शासन द्वारा जारी फरमान के अनुसार, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है, उन्हें सम्मान निधि नहीं मिलेगी। किसान रजिस्ट्री के लिए सहज जन सेवा केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे उनकी समस्याएं बढ़ गई हैं।

पालपट्टी, हिन्दुस्तान संवाद। खाद पानी की समस्या से जूझ रहे अन्नदाताओं के सामने शासन द्वारा जारी किए गया फरमान कि, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है उनकों सम्मान निधि नहीं दिया जाएगा से किसानों की फजीहत और बढ़ गई है। क्षेत्र के न्याय पंचायत सुजनी अंतर्गत स्थित पालपट्टी, कोटर, रेंगा, चंद्रोदया, माझियारी, लोहरा, कौहट, हरवारी, पिपरहटा, बड्डिहा आदि गांव के किसानों ने बताया कि, शासन द्वारा किसान रजिस्ट्री में किसी तरह का सहयोग न किए जाने के चलते हम लोगों को फार्मर रजिस्ट्री करवाने के लिए आसपास की बाजारों में स्थित सहज जन सेवा केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
जहां हम लोगों से रुपये 100 से लेकर रुपये 500 तो लिए ही जा रहे हैं साथ ही साथ एक दिन में रजिस्ट्री का काम भी नहीं किया जा रहा है। रजिस्ट्री के लिए हम लोगों को 2 से 3 दिन का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस समय खेती का कार्य भी चरम पर है। गेहूं की सिंचाई करना उसमें खाद डालना आदि काम छोड़कर हम लोग किसान फार्मर रजिस्ट्री के लिए परेशान हैं तो, वही गांव में स्थित ग्राम सचिवालयों से किसी तरह का सहयोग न मिलाने से हम लोगों की समस्या सहज जन सेवा केदो को ढूंढने की भी बढ़ गई है। उपरोक्त गांव से जुड़े किसान बबलू तिवारी, राजेंद्र प्रसाद, ओंकार नाथ,काशी प्रसाद, विष्णु तिवारी, अरुण कुमार, कृष्ण कुमार, अशोक कुमार, अजय कुमार, कमलेश तिवारी, बब्बू तिवारी, अभिषेक, पीयूष आदमी शासन प्रशासन के जिम्मेदार लोगों से मांग किया है कि, किसान रजिस्ट्री कार्य के लिए ग्राम पंचायतों में स्थित ग्राम सचिवालयों में कोई व्यवस्था की जाय ता कि, किसानों को थोड़ी राहत मिल सके।
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