मांडा के समितियों में डीएपी नदारद, किसान परेशान
संक्षेप: Gangapar News - मांडा। मांडा के सभी आठों समितियों के डीएपी के डिमांड व चेक जिले में
मांडा के सभी आठों समितियों के डीएपी के डिमांड व चेक जिले में जमा हैं, लेकिन अभी फिलहाल पहुंची कहीं नहीं है। इस समय किसानों को खेती के लिए डीएपी की सख्त जरूरत है, लेकिन मांडा के आठ समितियों में कहीं भी डीएपी सोमवार को उपलब्ध नहीं रही। परेशान किसान डीएपी की तलाश में समितियों के चक्कर काटते रहे। चेक जमा हैं, लेकिन अभी जिले से डीएपी का आबंटन नहीं है पाया है। मझिगवां, चकडीहा, महुआरी कला, कोसड़ा कला, महेवॉ कला में डीएपी की कमी से किसान परेशान हैं । समितियों ने डिमांड और चेक पंद्रह से बीस टन का जमा किया है, लेकिन डीएपी अत्यल्प मात्रा में आबंटित की जाती है, जो समितियों में आते ही खत्म हो जाती है।
साधन सहकारी समिति मांडा द्वारा चार दिन पहले बीस टन डीएपी के लिए चेक जमा किया गया, लेकिन अभी तक एक भी बोरी डीएपी का आबंटन मांडा समिति के लिए नहीं हुआ है। मांडा खास समिति में छह लाख रुपये लागत का 125 रुपये बाटल की नैनो डीएपी और 600 रुपये बाटल की नैनो यूरिया रखी है, लेकिन इसे कोई किसान नहीं लेता। नैनो डीएपी की बाध्यता समिति संचालकों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि जिस तरह से समितियों के लिए जिले से डीएपी का डिमांड के अनुपात में काफी कम डीएपी खाद आबंटित की जाती है, वह बेहद कम होती है और आते ही चार घंटे में खत्म हो जाएगी। किसानों को यथासमय खाद भी मांडा की समितियों द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जाता, जिससे किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है और फसल की उपज पर भी असर पड़ता है।

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