आंधी से तबाह हुई आम की फसल, दस रुपये किलो भी नहीं बिका
मांडा। इस बार किसानों को उम्मीद थी कि आम की फसल बहुत ही अच्छी होगी, लेकिन बार बार आ रही तेज आंधी से सबसे ज्यादा नुकसान आम के फसल का ही हुआ। बाजारों

इस बार किसानों को उम्मीद थी कि आम की फसल बहुत ही अच्छी होगी, लेकिन बार बार आ रही तेज आंधी से सबसे ज्यादा नुकसान आम के फसल का ही हुआ। बाजारों में दस रुपये किलो तक कच्चे आम बेचने के लिए तमाम लोग मजबूर हुए। एक सप्ताह में दूसरी बार तेज आंधी आने से आम के फसल को भारी नुक़सान हुआ। गुरुवार रात आई तेज आंधी और बरसात के बाद शुक्रवार को मांडा क्षेत्र के मांडाखास, हाटा, सुरवांदलापुर, खवास का तारा, भारतगंज कस्बे सहित विभिन्न बाजारों और गांवों में दुकानों पर बहुतायत मात्रा में पेड़ से गिरे कच्चे आम देखे गए।
तमाम दुकानदार व किसान गली मोहल्लों में घूमकर दस रुपये किलो तक कच्चे आम के दाम लगाये, लेकिन उसके भी खरीदार कम ही रहे। आंधी के चलते आम के फसल को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि शुरुआती दौर में आम की फसल अच्छी देखकर काफी उम्मीदें थीं, लेकिन प्रकृति की ऐसी नज़र लगी कि आम को लेकर संजोया गया सारा सपना बार बार आ रही आंधी के साथ बिखर गया।
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