Gangapar News: एसीपी के आश्वासन पर माने परिजन, दूसरे दिन हुआ अंतिम संस्कार
Gangapar News: रामनगर में एक किसान अवधेश कुमार पटेल की आत्महत्या से संबंधित विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने पहले दिन प्रशासन की बातें नहीं मानीं, जिससे अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। उनकी मांग थी कि आत्महत्या का मामला हत्या में बदला जाए। अंततः पुलिस की आश्वासन पर अंतिम संस्कार किया गया।

Gangapar News: रामनगर, हिन्दुस्तान संवाद। फांसी से हुई मौत में दिवंगत किसान का अंतिम संस्कार मौत के दूसरे दिन ही हो पाया। क्यों कि पहले दिन दिवंगत के परिजनों की कुछ मांगे प्रशासन ने नहीं मानी थी। जिसके कारण परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था।बतादें कि बकचूंदा मटिहि गांव निवासी 50 वर्षीय अवधेश कुमार पटेल का शव सोमवार को घर से 200 मीटर दूर एक मकान में टीन शेड के एंगल में फांसी के फंदे से लटका मिला था। जिसके शव को उतारकर पुलिस के द्वारा विधिक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अवधेश के परिजन उसकी मौत को हत्या मान रहे थे,जिसकी तहरीर भी दी गई थी।
दिवंगत के परिजनों की मानें तो पोस्टमार्टम के बाद जब सोमवार की शाम को शव घर आया तो पुलिस ने आत्महत्या लिखवाकर तहरीर बदलवा दी। जिससे नाराज दिवंगत के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। उनकी मांग थी कि पहले दी गई तहरीर के आधार पर एफआईआर हो, जिस जमीन के कारण अवधेश कुमार पटेल की मौत हुई है वह उन्हें वापस की जाए एवं जिसके कारण उसकी मौत हुई है,उन्हें हत्या की धारा लगाकर सजा मिले। रातभर दिवंगत के घर पुलिसकर्मियों और परिजनों के बीच मान मनौवल चलती रही लेकिन बात नहीं बनी। मंगलवार को सुबह एसीपी मेजा बृजेश पाठक के उचित आश्वासन जिसमें तफ्तीश के आधार पर धारा बढ़ाने सहित अनेक प्रकार की मदद दिलाने की बात पर परिजन मान गए और छतवा गांव के गंगाघाट जाकर दिवंगत का अंतिम संस्कार कर दिया।


