
निर्माण सामग्री के अभाव में एक माह विलंब से पीपे का पुल बनने की संभावना
Gangapar News - मांडा। गंगा के कटान के चलते पीपे की अधिक जरुरत होने और जिले से यथासमय
गंगा के कटान के चलते पीपे की अधिक जरुरत होने और जिले से यथासमय पीपा और अन्य निर्माण सामग्री न मिल पाने के कारण डेंगुरपुर गंगा घाट के पीपे का पुल एक महीने विलंब से तैयार होने की संभावना विभाग द्वारा व्यक्त की जा रही है। मांडा क्षेत्र को भदोही जनपद के विभिन्न गांवों और पर्यटक स्थल सीतामढ़ी से जोड़ने के लिए मांडा के डेंगुरपुर गंगा घाट पर 95 पीपे का पुल हर साल 15 नवंबर तक बनकर तैयार हो जाता था। इस बार गंगा के बाढ़ के दौरान मांडा की ओर कटान क्षेत्र बढ़ने के कारण 95 के बजाय 102 पीपे का पुल बनना है, लेकिन सात पीपे और लकड़ी की कमी के चलते इस अस्थायी पीपे के पुल का निर्माण कार्य अधर में पड़ा हुआ है।
पुल का निर्माण कार्य हर वर्ष अधिकतम 15 नवंबर तक हो जाता था, लेकिन इस बार अभी तक बीस प्रतिशत काम भी न हो पाने से लोगों में निराशा है। पुल पर कार्यरत मेठ सीताराम का कहना है कि पीपे और लकड़ी के लिए लिखा पढ़ी हो चुकी है। एक सप्ताह में लकड़ी और शेष पीपे आ जाने के बाद पुल निर्माण में तेजी आयेगी, लेकिन फिर भी यह पुल बीस दिसम्बर के पहले तैयार हो पाने की संभावना नहीं है। पुल का निर्माण विलंब से होने के कारण नवंबर दिसम्बर के लग्न बारात में लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। भदोही जनपद में स्थित पर्यटक स्थल सीतामढ़ी व गंगापार के गांवों छेछुहा, भोर्रा, इटहरा, धन तुलसी, कुबेर तुलसी आदि गांवों तक पीपे का पुल होने पर जो दूरी अधिकतम दस किमी होती थी, पुल न होने पर वही दूरी अब मिर्जापुर, चील्ह, जंगीगंज होते हुए लगभग 90 किमी हो जाती है। पुल में विलंब होने से हर वर्ग प्रभावित और परेशान है।

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