बांस के सहारे दिया कनेक्शन, आए दिन ठप हो जाती है आपूर्ति
सड़क पर लटकते जर्जर विद्युत तारों और अधलेटे बांस के कृत्रिम बिजली के पोल से कभी भी बड़ी घटना घटित हो सकती है। ऐसे जर्जर विद्युत तार खेतों में खलिहानों
मांडा, हिन्दुस्तान संवाद। सड़क पर लटकते जर्जर विद्युत तारों और अधलेटे बांस के कृत्रिम बिजली के पोल से कभी भी बड़ी घटना घटित हो सकती है। ऐसे जर्जर विद्युत तार खेतों में खलिहानों में गिरकर हर साल तमाम किसानों के मेहनत की फसल असमय जलकर राख हो जाती है। साथ ही हल्के हवा के झोंके से जगह जगह से तार टूटने से तीन चार दिन तक बिजली बाधित रहती है।मांडा क्षेत्र के हाटा विद्युत उपकेंद्र से संबंधित हाटा सोनबरसा मार्ग पर अधलेटे बांस के पोल पर जर्जर विद्युत तारों से। बिजली की आपूर्ति की जाती है। इस रास्ते से प्रतिदिन तमाम वाहनों से आम राहगीरों, किसानों व छात्र, छात्राओं का आवागमन होता है।
बरसात के मौसम में अक्सर जर्जर तार टूटने से बड़ी घटनाएं भी घटित होती हैं। हाटा उपकेंद्र से जुड़े तमाम गांवों की बिजली आपूर्ति बांस की लकड़ी पर जर्जर विद्युत तारों से ही होती है। बरसात और तेज हवा से अक्सर ऐसे जर्जर तार जगह जगह से टूट जाते हैं और लंबी अवधि तक बिजली बाधित रहती है। मामले में हाटा विद्युत उपकेंद्र के जेई साधूराम का कहना है कि इस उपकेंद्र के अंतर्गत ज्यादातर गांवों में जर्जर तारों और बांस की लकड़ी से ही वे किसी तरह आपूर्ति कर रहे हैं। समूचे क्षेत्र के जर्जर विद्युत तारों से लकड़ी या बांस के भरोसे बिजली की किसी तरह आपूर्ति की जा रही है। फिलहाल विभाग के अधिकारियों को जर्जर तारों और विद्युत खंभों की जानकारी प्रस्ताव के माध्यम से दे दी गई है। बजट मिलते ही तार व पोल बदल दिये जायेंगे।
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