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28 सितम्बर, 2020|1:55|IST

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ड्रेस वितरण में बीईओ का हस्तक्षेप, विधायक को किया अनसुना

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बीईओ उरुवा ड्रेस वितरण में अपनी मनमानी करने पर आमादा हैं, कमीशन के चक्कर में स्थानीय दुकानदार को तरजीह न देते हुए बाहरी दुकानदार से क्रय करने की बात कर रहे हैं, जिससे इलाके के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों में विरोध की सुगबुगाहट है।

शिक्षकों ने बताया कि बीईओ ने संकुल प्रभारियों की बैठक की। निर्देश दिया कि वह जैसा कह रहे उसी पर प्रधानाध्यापकों से अमल करने को कहें। बीईओ ने मौखिक आदेश दे रखा है कि टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एक ही फर्म से ड्रेस की सप्लाई कर स्कूली बच्चों को ड्रेस वितरित कराने का कार्य करें। इस बारे में बीईओ ने 13 जुलाई को उरुवा के सभी शिक्षक, संकुल प्रभारियों के मोबाइल पर मैसेज कर क्रयादेश बीआरसी में जमा करने को कह रखा है। जानकारी पर शिक्षकों ने बीईओ के इस आदेश का खुलेआम विरोध किया। इसके बाद बीईओ से असन्तुष्ट शिक्षक विधायक मेजा नीलम करवरिया से मिले। पूरे मामले की जानकारी दी। विधायक ने बीईओ बलिराम को बुला लिया। बीईओ के पहुंचने पर वहां पहले से मौजूद कुछ शिक्षक नेताओं ने उनके मनमानी की बात विधायक के सामने रखी। विधायक ने बीईओ बलिराम से कहा कि वह शिक्षकों के अनुसार स्थानीय फर्म से ड्रेस की सप्लाई करावे, किसी बाहरी फर्म से ड्रेस किसी भी दशा में न क्रय किया जाय। विधायक की बात सुन बीईओ ने हामी तो भर ली, लेकिन वह अपनी चालबाजी से बाहरी ब्यक्ति के फर्म का नाम बदलवा दिया। उसी व्यक्ति से ड्रेस लेने का दबाव बनानें लगे।

दो ड्रेस का छह सौ रुपये है प्रावधान

बता दें कि ड्रेस वितरण के नाम पर शासन से 600 सौ रुपये के हिसाब से दो ड्रेस प्रति छात्र का धन शासन से दिया जाता है। इस धन में पहली किश्त 50 फीसदी तथा दूसरी किश्त 25 फीसदी, तीसरी किश्त 25 फीसदी दी जाती है। सूत्रों की मानें तो वर्षभर बीत जानें के बाद पिछले सत्र में वितरण किए गए ड्रेस का 25 फीसदी धन अभी तक भुगतान नहीं हो सका है, जबकि इस वर्ष का 75 फीसदी धन प्रबंध समिति के खाते में भेजा जा चुका है। इस धन में संपूर्ण बालिका, बीपीएल, तथा एससी बालक को ही ड्रेस का वितरण होना है। सूत्र बताते हैं कि एपीएल कार्ड धारकों के बच्चों की धनराशि अभी नहीं भेजी गई है।

समय से वितरण और क्वालिटी पर मेरा जोर

बीईओ उरुवा बलिराम ने बताया कि प्रधानाध्यापकों तथा शिक्षक संकुल प्रभारियों से उन्होंने कह रखा है कि 15 सितंबर तक ड्रेस का वितरण सभी विद्यालयों का कर लेना है, वह किसी भी फर्म से ड्रेस की खरीदारी कर सकते हैं। उनका कोई दबाव नहीं है। ड्रेस की क्वालिटी अच्छी हो।

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  • Web Title:BYO 39 s interference in dress distribution unheard of MLA