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कृषि वैज्ञानिकों ने सिखाये उन्नत खेती के गुर

आगामी खरीफ मौसम के पूर्व खेती को स्तरीय बनाकर उत्पादन का लाभ लेने के दृष्टिकोण से गुरुवार को करछना के ब्लॉक परिसर में आत्मा योजना के अंतर्गत कृषक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख करछना बिजयराज सिंह राजू और संचालन प्रभारी बीज गोदाम करछना वीरेन्द्र कुमार कुशवाहा ने किया। डॉ. मदन सेन सिंह ने चूहा नियंत्रण, धान की एसआईआर विधि से वैज्ञानिक खेती, डॉ. योगेशचन्द्र श्रीवास्तव ने धान की अधिकतम पैदावार लेने के लिए वर्मी कंम्पोस्ट और हरी खाद का प्रयोग करने और जैविक खाद के बारे में जानकारी दी। उमा शंकर मिश्र ने उद्यान और डॉ. प्रेमचन्द्र ने इस मौसम में बीमार पशुओं की देखभाल के बारे में किसानों को जानकारी दी। गोष्ठी का संचालन कर रहे वीरेन्द्र कुशवाहा ने खरीफ फसलों के बीजों के बारे में अनुदान एवं अन्य जानकारियां दीं। इस मौके पर खण्ड विकास अधिकारी करछना द्वारा कृषि विपरण के बारे में जानकारी दी गयी। गोष्ठी में अशोक कुमार निरंजन, विष्णूपाल सिंह, असर्फीलाल पटेल, पुष्पराज सिंह, दिनेश कुमार सिंह, हरी प्रसाद कुशवाहा, हरीराम, लक्ष्मीकान्त, धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, कुंवर सिंह, कन्हैया लाल, देवराज यादव, कुंवर सिंह पटेल, गुड्डू सिंह सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे। धान की खेती और बीज के प्रजाति बताये : सामान्य धान की उन्नतिशील प्रजातियों में 1400 रू0 प्रति कुंतल और शंकर धान में 13000 रू0 प्रति कुंतल अनुदान की बात कही गयी। उन्होने बताया कि धान के सामान्य धान के मोटे बीज, मध्यम, महीन प्रजातियों के प्रति कुंतल रेट शासन द्वारा निर्धारित हैं और शंकर धान 6444 का मूल्य प्रति कुंतल 27500 रू0 निर्घारित है। इसके अलावा तिल, उर्द व मूंग के बीज भी निर्धारित दर पर दिये जायेगें। फोटो करछना 1,2,3 में गुरूवार को ब्लाक करछना के परिसर में आयोजित की गयी कृषक गोष्ठी में किसानों को उन्नत खेती के बारे में बताते कृषि वैज्ञानिक।

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  • Web Title:Agricultural scientists teach advanced farming tricks