गंगा एक्सप्रेसवे: मेरठ-प्रयागराज ही नहीं, मुरादाबाद और बरेली का सफर भी होगा सुपरफास्ट
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज के साथ-साथ मुरादाबाद और बरेली का सफर भी आसान बनाएगा। बिजौली से सिंभावली इंटरचेंज के जरिए दिल्ली-लखनऊ हाईवे से जुड़ने पर यात्रा की दूरी 25 किमी कम हो जाएगी। यह देश का 10वां सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में मील का पत्थर साबित होने वाला 'गंगा एक्सप्रेसवे' अब केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से जोड़ने का जरिया मात्र नहीं रह गया है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से मेरठ, मुरादाबाद और बरेली जैसे प्रमुख शहरों के बीच का आवागमन भी पूरी तरह बदलने वाला है। ताज़ा प्रोजेक्ट अपडेट के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-लखनऊ हाईवे के साथ मिलकर एक ऐसा अभूतपूर्व नेटवर्क तैयार कर रहा है, जिससे यात्रियों का न केवल समय बचेगा, बल्कि सफर भी बेहद सुगम हो जाएगा।
बिजौली से सिंभावली: मुरादाबाद-बरेली का नया गेटवे
प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, मेरठ के बिजौली से शुरू होने वाला गंगा एक्सप्रेसवे सीधे सिंभावली इंटरचेंज के जरिए दिल्ली-लखनऊ हाईवे (NH-9) से जुड़ जाएगा। यह कनेक्टिविटी उन यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो मेरठ से मुरादाबाद या बरेली की ओर यात्रा करते हैं। वर्तमान में, मेरठ से इन शहरों की ओर जाने के लिए गढ़ रोड, हापुड़ या बुलंदशहर हाईवे के भीड़भाड़ वाले रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है, जहाँ अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
अब, नया रूट मिलने से यात्रियों को इन पुराने रास्तों से मुक्ति मिलेगी। बिजौली से सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़कर सिंभावली इंटरचेंज पहुंचने के बाद यात्री आसानी से मुरादाबाद और बरेली की दिशा में मुड़ सकेंगे। इस बदलाव से यात्रा की कुल दूरी में लगभग 20 से 25 किलोमीटर की सीधी कमी आएगी। यह नया रास्ता पूरी तरह से सिग्नल-फ्री और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिससे सफर की रफ़्तार बढ़ेगी।
देश का 10वां सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे: एक नई पहचान
गंगा एक्सप्रेसवे की महत्ता को देखते हुए इसे अब देश के चुनिंदा और प्रमुख एक्सप्रेसवे की सूची में शामिल कर लिया गया है। तकनीकी और रणनीतिक आधार पर इसे भारत का 10वां सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे माना जा रहा है। यह उत्तर प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे होगा, जो राज्य के औद्योगिक और सामाजिक विकास को नई गति देने के लिए तैयार है। अधिकारियों का मानना है कि उद्घाटन के भव्य अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार इसे राष्ट्रीय स्तर की बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करेगी।
आर्थिक और औद्योगिक क्रांति की उम्मीद
एक्सप्रेसवे का यह नया नेटवर्क केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि व्यापारियों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आया है। मुरादाबाद के प्रसिद्ध पीतल उद्योग और बरेली के फर्नीचर व जरी-जरदोजी कारोबार को इस एक्सप्रेसवे से सीधा लाभ मिलेगा। माल ढुलाई (Logistics) के समय में कमी आने से लागत घटेगी और पश्चिमी यूपी के उत्पादों की पहुंच प्रयागराज और उससे आगे के बाजारों तक आसान हो जाएगी।
सिंभावली इंटरचेंज इस पूरे नेटवर्क की एक मुख्य कड़ी के रूप में उभरा है, जो एक्सप्रेसवे को मौजूदा हाईवे नेटवर्क से प्रभावी ढंग से जोड़ता है। यह इंटरचेंज मेरठ के बिजौली और हापुड़ के चांदनेर के बीच स्थित है, जो भविष्य में एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में भी विकसित हो सकता है।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


