
यूपी में गिरोह कर रहा बिजली विभाग के इंजीनियरों-अधिकारियों को ब्लैकमेल, जेई ने किया खुलासा
अज्ञात व्यक्तियों ने क्षेत्रफल बढ़ाने की बात कहते हुए जेई को पांच लाख रुपये की राशि देने की पेशकश की। JE ने जब इसे ठुकराया और सभी औपचारिक दस्तावेज़ लाने पर जोर दिया, तो वे बिना दस्तावेज़ दिए ही चले गए। इसके बाद, गिरोह के सदस्यों ने जेई के मोबाइल नंबरों पर कॉल करना शुरू कर दिया। धमकाना शुरू कर दिया।
Blackmailing Gang : बिजली विभाग के इंजीनियरों और अधिकारियों को निशाना बनाने वाले एक ब्लैकमेलिंग गिरोह का मामला सामने आया है। यह शातिर गिरोह खुद को ठेकेदार या साइड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ा फर्जी ग्राहक बताकर विभागीय अधिकारियों से संपर्क करता था और प्रोजेक्ट के नाम पर एस्टीमेट (प्राक्कलन) तैयार करवाता था। पीड़ित जेई ने आशियाना थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
मामला लेसा के अम्बेडकर विवि उपखंड कार्यालय में तैनात जूनियर इंजीनियर सचिन श्रीवास्तव द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया। जेई ने बताया कि बीते 04 नवम्बर को सुबह लगभग 11.30 बजे दो अज्ञात व्यक्ति उनके कार्यालय पहुंचे। इन व्यक्तियों ने खुद को एक साइड डेवलपमेंट (मैक्स) प्रोजेक्ट से जुड़ा बताया और विद्युतीकरण का कार्य करवाने के लिए एस्टीमेट तैयार करवाने की बात कही। जेई ने नियमानुसार जब उनसे जरूरी दस्तावेजों की मांग की, तो अज्ञात व्यक्तियों ने दस्तावेज़ देने के बजाय, अनुमानित प्राक्कलन की धनराशि जानने पर अत्यधिक ज़ोर दिया। निरीक्षण करने के बाद जब जेई ने उन्हें बताया कि विद्युतीकरण का प्राक्कलन लगभग तीन से चार लाख रुपये के बीच का होगा, तो गिरोह के सदस्यों ने एक बड़ा दांव चला।
पांच लाख रुपये ले लो कहकर डाला फंदे में
अज्ञात व्यक्तियों ने क्षेत्रफल बढ़ाने की बात कहते हुए जेई को पांच लाख रुपये की राशि स्वयं देने की पेशकश की। जेई ने जब इसे ठुकराया और सभी औपचारिक दस्तावेज़ लाने पर जोर दिया, तो वे बिना दस्तावेज़ दिए ही चले गए। इसके बाद, गिरोह के सदस्यों ने जेई के मोबाइल नंबरों पर कॉल करना शुरू कर दिया। धमकाना शुरू कर दिया। जब जेई ने अवैध मांग का विरोध किया, तो गिरोह के लोगों ने उन्हें फर्जी ऑडियो और वीडियो क्लिप वायरल करने की धमकी दी।
बाराबंकी में भी सक्रिय था ऐसा ही गिरोह
ब्लैकमेलिंग से परेशान जेई सचिन श्रीवास्तव की तहरीर पर आशियाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और गिरोह की तलाश में जांच शुरू कर दी है। जेई ने पुलिस को यह भी बताया कि इसी तरह का एक गिरोह इससे पहले बाराबंकी जिले में भी सक्रिय रहा है। वह गिरोह भी फर्जी साइट दिखाकर विभागीय अधिकारियों से ऐस्टीमेट बनवाता था और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करता था। उनके अनुसार, वर्तमान प्रकरण में एसडीओ योगेंद्र यादव को भी इसी गिरोह के सदस्यों द्वारा बार-बार फोन कर धमकाया जा रहा था।





