टैंकर से पेट्रोल चुराकर खुद का एथनॉल मिलाते; 75 रुपए/लीटर बेचते, लखनऊ में पकड़ा गया गैंग
ऑपरेशन एथनॉल शील्ड के तहत लखनऊ के मलिहाबाद में पुलिस, आबकारी विभाग और क्राइम ब्रांच ने पेट्रोल-डीजल चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह टैंकर से ईंधन चोरी कर उसमें एथनॉल, थिनर और साल्वेंट मिलाकर सस्ते दामों में बेचता था।

E-20 (पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने की सरकारी नीति) विवाद के बीच लखनऊ में तेल में मिलावट करने वाले गैंग का खुलासा हुआ है। ऑपरेशन एथनॉल शील्ड के तहत लखनऊ के मलिहाबाद के सन्यासीबाग में रविवार को पुलिस, आबकारी विभाग और क्राइम ब्रांच ने छापेमारी कर टैंकर से पेट्रोल-डीजल चोरी करने वाले गिरोह का राजफाश कर चार को गिरफ्तार किया है। चालक तेल कंपनियों से भरा टैंकर लेकर फ्यूल पंप पर जाने के लिए निकलता था। रास्ते में मास्टर की से लॉक खोलकर टैंकर के चेंबर से फ्यूल चोरी कर बेच देते थे। चेंबर में फ्यूल की भपराई करने के लिए मानक से अधिक एथनॉल अथवा थिनर-साल्वेंट मिला देते थे। गुणवत्ता विहीन पेट्रोल और डीजल जब गाड़ियो में डाला जाता तो लोगों के वाहन के साथ ही उनकी जेब पर भी भारी नुकसान हो रहा था। चालक और गिरोह के लोग चोरी का पेट्रोल 75 रुपये लीटर बेचते थे। वहीं, खरीदने वाले ग्रामीण दुकानदार उसे 90 से 95 रुपये प्रति लीटर के हिसाब बेचते थे।
पेट्रोल डलवाने से खराब हो रही थीं गाड़ियां
अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव के मुताबिक काफी दिनों से लोग यह शिकायत कर रहे थे कि पेट्रोल और डीजल डलवाने के बाद उनकी गाड़ियां खराब हो रही हैं। इससे संबंधित कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए। लोग भ्रामक सूचनाएं सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे थे। इसका संज्ञान लेते हुए क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन एथनॉल शील्ड शुरू किया। मुखबिर की सूचना पर रविवार को सन्यासीबाग में एक सूनसान स्थल पर एचपी कंपनी का टैंकर खड़ा था। उसके पास में खड़ी मारुति वैन में रखे कंटेनर में पाइप की मदद से पेट्रोल निकाला जा रहा था। सूचना पर महिलाहाबाद थाना प्रभारी सुरेंद्र मिश्र , आपूर्ति, आबकारी विभाग और क्राइम ब्रांच की टीम पहुंची। टीम ने तीन लोगों को धर दबोचा।
हर चेंबर से 200-250 लीटर तेल निकालते थे
तीनों से पूछताछ के बाद टीम ने एक मकान में छापेमारी की। वहां भारी मात्रा में कंटेनर में थिनर, सॉल्वेंट केमिकल बरामद किया गया। सूचना पर एचपी कंपनी के अधिकारी पहुंचे। आरोपियों से पूछताछ में कई और जानकारियां मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कनार गांव में ग्रामीण अनिल कुमार घर पर छापेमारी की। अनिल कुमार के घर पर भारी मात्रा में मिलावटी डीलर और पेट्रोल बरामद हुआ। उसे कब्जे में लिया गया। केमिकल को जांच के लिए लैब भेजा गया है। पकड़े गए गिरोह के लोगों से पूछताछ की जा रही है। प्राथमिक पूछताछ में पता चला कि टैंकर चालक रामतीर्थ हजरतगंज स्थित शुभम पेट्रोल पंप पर टैंकर लेकर जा रहा था। वह दूसरे रास्ते से निकला। सन्यासीबाग में टैंकर खड़ा कर उसने करीब 250 लीटर पेट्रोल निकाल लिया।
हर चेंबर से निकालते थे 200-250 लीटर तेल
एसीपी मलिहाबाद ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक मास्टर की से गिरोह लॉक खोलता था। इसके बाद उससे 200 से 250 लीटर पेट्रोल निकाल लेते थे। पेट्रोल निकालने के बाद उसमें उतना ही एथेनाल और साल्वेंट मिला कर पूर्ति कर देते थे। चोरी के बाद टैंकर ले जाकार फ्यूल पंप पर खाली करते थे। वहां के कर्मचारी सरिया डालकर टैंकर में भरे फ्यूल का माप लेते थे। माप पूरी होने पर उन्हें शक नहीं होता।
हजारों लीटर तेल बरामद
एसीपी मलिहाबाद ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक गिरफ्तार गिरोह के पास से एक टैंकर, एक वैन, 7750 लीटर पेट्रोल, 4000 लीटर डीजल, 1150 लीटर अपमिश्रित पेट्रोल, 3200 लीटर साल्वेंट, टैंकर के पाइप, द्वितीय चैम्बर से निकाला गया 250 लीटर पेट्रोल, एक मास्टर की, एक डिप रॉड, एक कीप, पांच लीटर का मापक।
यह हुए गिरफ्तार
अनिल कुमार, निवासी मलिहाबाद
अभिषेक राजपूत, निवासी काकोरी मोहल्ला बरगद तला
धीरज सिंह, निवासी जनपद उन्नाव हसनगंज के पिलखना गांव
टैंकर चालक रामतीर्थ, निवासी जनपद हरदोई के आबिदपुर गांव
मिलावटी आयल से खराब होते हैं फ्यूल पंप और फ्यूल इंजेक्टर
विशेषज्ञों के मुताबिक मिलावटी और घटिया पेट्रोल में फ्यूल पंप और इंजेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पुर्ज़े भी खराब हो सकते हैं। इससे गाड़ी का प्रदर्शन खराब हो सकता है और इंजन को पर्याप्त ईंधन नहीं मिल पाएगा।
इंजन और माइलेज पर असर
थिनर अथवा केमिकल युक्त पेट्रोल में कम ऊर्जा होती है। इसलिए जब पेट्रोल में अगर मानक से अधिक एथनॉल की भी मात्रा ज्यादा होती है, तो गाड़ी का माइलेज कम हो जाता है। साथ ही इंजन को सही तरीके से काम करने में दिक्कत होती है, जिससे उसकी परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ता है।
इंजन के अंदरूनी हिस्से भी होते हैं खराब
केमिकल अथवा थिनर युक्त पेट्रोल इस्तेमाल करने से इंजन के अंदरूनी हिस्सों, जैसे पिस्टन और सिलेंडर में जंग लग सकती है, जिससे इंजन को भारी नुकसान हो सकता है।
नुकसान का अनुमान
फ्यूल पंप और इंजेक्टर : इन पुर्ज़ों को बदलने में ₹5,000 से ₹20,000 तक का खर्च आ सकता है।
रबर की पाइपलाइन और सील : इन्हें बदलने में 2,000 से ₹8,000 तक का खर्च आ सकता है।
इंजन की सर्विसिंग : अगर इंजन में ज्यादा नुकसान हो गया है, तो उसकी सर्विसिंग या मरम्मत में 10,000 से ₹50,000 तक का खर्च आ सकता है। कुछ मामलों में तो यह और भी ज्यादा हो सकता है।


