
कानपुर के कुख्यात विकास दुबे गैंग का सफाया करने वालों को मिलेगा गैलेंट्री अवार्ड, भेजे गए नाम
कानपुर के कुख्यात विकास दुबे गैंग का सफाया करने वाले पुलिसकर्मियों को गैलेंट्री अवार्ड देने की तैयारी की गई है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर फाइल मुख्यालय भेजी गई है। इसमें तत्कालीन आईजी मोहित अग्रवाल समेत 10 पुलिसकर्मियों का नाम है। दो सिपाहियों को मरणोपरांत अवॉर्ड दिया जाएगा।
पांच साल पहले हुए बिकरू कांड के बाद विकास दुबे समेत छह अपराधियों को मार गिराने वाले तत्कालीन आईजी मोहित अग्रवाल और उनकी टीम को गैलेंट्री अवॉर्ड देने की तैयारी है। प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेजा गया है। मुख्यालय की संस्तुति के बाद प्रस्ताव को गृह मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। बिकरू कांड में मारे गए आठ पुलिसकर्मियों में दो सिपाहियों को भी मरणोपरांत अवॉर्ड देने का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
चौबेपुर पुलिस ने बिकरू गांव निवासी विकास दुबे के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। साथियों के साथ घर में उसकी मौजूदगी की सूचना पर दो जुलाई 2020 की रात तत्कालीन बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा चौबेपुर, शिवराजपुर और बिठूर थाने की फोर्स लेकर गिरफ्तार करने पहुंचे थे। इस टीम में 50-60 पुलिसकर्मी शामिल बताए जाते हैं। उधर, विकास दुबे को दबिश की सूचना पहले ही मिल गई थी। इसके चलते उसने बिकरू गांव की छतों पर आधुनिक हथियार, राइफल व अन्य असलहों के साथ अपने लोगों को तैनात कर दिया था।
पुलिस टीम के पहुंचते ही फायरिंग कर दी थी। इसमें आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। घटना के बाद आईजी मोहित अग्रवाल, तत्कालीन एसएसपी दिनेश कुमार पी ने कमाल संभाली। उनके निर्देशन में विकास दुबे समेत छह बदमाशों को पुलिस ने मार गिराया था। इसी बहादुरी के लिए 10 पुलिसकर्मियों का प्रस्ताव गैलेंट्री अवार्ड के लिए भेजा है।
एसएसपी की जैकेट में लगी थी गोली
अपराधियों की धरपकड़ के दौरान जवाबी फायरिंग में तत्कालीन एसएसपी दिनेश कुमार पी के जैकेट में गोली लगी थी, जबकि आईजी मोहित अग्रवाल के कान को छूते हुए गोली निकली थी। इसमें सिपाही दुर्गेश मणि घायल हुए थे।
60 केस दर्ज थे विकास पर
बिकरू गांव का रहने वाला विकास दुबे स्थानीय राजनीति और अपराध की दुनिया का बड़ा नाम था। उस पर हत्या, लूट, रंगदारी, कब्जा, हमला जैसे करीब 60 केस दर्ज थे। उसके खिलाफ गांव के ही राहुल तिवारी ने हत्या के प्रयास का मुकदमा कराया था। इसी मामले में पुलिस दबिश देने पहुंची थी। दबिश की सूचना देने में चौबेपुर इंस्पेक्टर विनय तिवारी का नाम सामने आया था। उसे बर्खास्त भी कर दिया गया है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय विनोद कुमार सिंह के अनुसार गैलेंट्री अवॉर्ड के लिए पुलिसकर्मियों की फाइल तैयार करके पुलिस मुख्यालय भेजी गई है। वहां से संस्तुति के बाद फाइल गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी।
अवॉर्ड के लिए इनका नाम भेजा गया
- आईजी मोहित अग्रवाल
- एसएसपी दिनेश कुमार पी
- एसपी डॉ. अनिल कुमार
- इंस्पेक्टर अजय कुमार सेठ
- इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह
- इंस्पेक्टर हरमीत सिंह
- इंस्पेक्टर रवि श्रीवास्तव
- सिपाही दुर्गेश मणि त्रिपाठी (घायल)
- सिपाही राहुल कुमार दिवाकर (मरणोपरांत)
- सिपाही बबलू कुमार (मरणोपरांत)
इन पुलिसकर्मियों की गई थी जान
- देवेंद्र मिश्रा, सीओ बिल्हौर
- महेश कुमार यादव, एसओ शिवराजपुर
- अनूप कुमार सिंह, चौकी प्रभारी मंधना
- नेबू लाल, सब इंस्पेक्टर
- जितेंद्र पाल, सिपाही
- सुल्तान सिंह, सिपाही
- बबलू कुमार, सिपाही
- राहुल कुमार, सिपाही
एनकाउंटर में ढेर
- विकास दुबे (10 जुलाई, सचेंडी में)
- अतुल दुबे (3 जुलाई, कांशीराम निवादा)
- प्रेम प्रकाश दुबे (3 जुलाई, कांशीराम निवादा)
- प्रभात मिश्रा (8 जुलाई, पनकी)
- अमर दुबे (8 जुलाई, हमीरपुर)
- प्रवीण उर्फ बउआ दुबे (9 जुलाई, इटावा)

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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