LPG के बाद PNG ने बढ़ाईं मुश्किलें, गेल ने उद्योग और कामर्शियल प्रतिष्ठानों के गैस कोटा में कटौती की
एलजीपी के बाद अब पीएनजी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गेल इंडिया ने फिरोजाबाद, आगरा और मथुरा (TTZ) की औद्योगिक इकाइयों के गैस कोटे में 35% की कटौती कर दी है। अब उद्योगों को केवल 65% गैस मिलेगी।

ईरान-इजराइल युद्ध के कारण सबसे ज्यादा परेशानी गैस को लेकर हो रही है। कामर्शियल ग्राहकों को एलपीजी की आपूर्ति पहले से ही बंद है। अब पीएनजी का भी कोट उद्योग और कामर्शियल के लिए घटा दिया गया है। फिरोजाबाद में गेल ने कांच उद्योग के गैस कोटा में अब 35% तक की कटौती कर दी है। जो अभी तक 20 प्रतिशत थी। अब गेल इंडिया कंपनी ने औद्योगिक इकाइयों और कामर्शियल प्रतिष्ठानों के लिए गैस का कोटा 65 प्रतिशत निर्धारित कर दिया है।
औद्योगिक इकाइयों और कमर्शियल प्रतिष्ठानों को नेचुरल गैस के उपयोग को लेकर बेहद सतर्कता बरतनी होगी। अगर ओवरड्रोल करते हुए निर्धारित 65 प्रतिशत के कोटा से अधिक गैस खर्च की गई, तो उद्यमियों को कई गुना अधिक गैस की कीमत चुकानी पड़ जाएगी। गुरुवार को देर रात गेल गैस लिमिटेड द्वारा शहर की चूड़ी और कांच इकाइयों को ईमेल संदेश भेजकर आगाह किया है।
गैस कंपनी ने अपने ईमेल संदेश में कहा है कि उपभोक्ता इकाइयों द्वारा अगर ओवरड्रोल करते हुए नेचुरल गैस प्रयोग की गई तो ऐसी इकाइयों से 124 रुपया प्रति घन मीटर की रेट से गैस की कीमत वसूल की जाएगी। गेल गैस लिमिटेड के सीनियर मार्केटिंग मैनेजर शशि रंजन द्वारा गैस उपभोक्ता इकाइयों को भेजे गए ईमेल संदेश में कहा है कि वह गैस कंपनी द्वारा निर्धारित किए 65 % कोटा के अनुरूप ही नेचुरल गैस का प्रयोग करते हुए उत्पादन करें। अन्यथा की स्थिति में उनको 124 रुपए प्रति घन मीटर की दर से गैस की कीमत का भुगतान करना पड़ जाएगा।
आज से लागू होगा गैस कंपनी का आदेश
औद्योगिक इकाइयों को भेजे गए ईमेल संदेश में कहा है कि गेल गैस लिमिटेड का यह आदेश शुक्रवार को प्रातः 6 बजे से प्रभावी हो जाएगा। गैस कंपनी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नेचुरल गैस कोटा में कटौती का यह प्रतिबंध सिर्फ फिरोजाबाद की इकाइयों के लिए नहीं है। यह पूरे टीटीजेड में लागू माना जाएगा। जिसमें फिरोजाबाद के अलावा आगरा , मथुरा आदि जिले शामिल हैं।
गेल इंडिया द्वारा औद्योगिक इकाइयों और कमर्शियल प्रतिष्ठान में उपयोग की जा रही नेचुरल गैस का कोटा 65 प्रतिशत निर्धारित कर दिया है। जो कि पिछले 6 महीना में इकाइयों द्वारा प्रयोग की गई गैस के आधार पर निर्धारित किया । अगर कोई इकाई निर्धारित कोटा से अधिक गैस उपयोग करती है तो उसे 124 रुपया प्रति घन मीटर की दर से गैस की कीमत का भुगतान करना होगा।
गेल के डिप्टी जनरल मैनेजर मनमोहन के अनुसार ओवर ड्रोल करने पर कई गुना ज्यादा कीमत तो चुकानी पड़ जाएगी। निर्धारित कोटा से अधिक गैस उपयोग करने पर 124 रुपया प्रति घन मीटर भुगतान करना होगा।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


