
मदरसों के भवन बनवाने के पैसों की होगी जांच, विदेशी फंडिंग का पता लगाएगी एसआईटी
मदरसों में हो रही विदेशी फंडिंग की तह तक पहुंचने के लिए अब उनके भवन निर्माण की लागत और उसके स्रोत की भी पड़ताल होगी। सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे इस पहलू पर जांच करके निदेशालय को इसकी रिपोर्ट दें।
मदरसों में हो रही विदेशी फंडिंग की तह तक पहुंचने के लिए अब उनके भवन निर्माण की लागत और उसके स्रोत की भी पड़ताल होगी। सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे इस पहलू पर जांच करके निदेशालय को इसकी रिपोर्ट दें। विदेशी फंडिंग मामले की जांच एटीएस स्तर की एसआईटी कर रही है।
उत्तर प्रदेश में तकरीबन 4000 मदरसों में विदेशी फंडिंग का अनुमान है। एसआईटी इसकी पड़ताल कर रही है। अब तक हुई जांच में पाया गया है कि तमाम मदरसे ऐसे हैं, जिनकी आय का कोई पुख्ता स्रोत तो नहीं है, लेकिन वे आलीशान भवनों में संचालित किए जा रहे हैं। संचालकों द्वारा भवन निर्माण में लगी रकम का प्रमाणिक स्रोत साझा नहीं किया जा रहा है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मदरसों के निर्माण के स्रोत की गहनता से पड़ताल करवाएं और इसकी रिपोर्ट निदेशालय को दें, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। यही नहीं, सभी अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि विदेशी फंडिंग के मामले में वे जिला स्तर और अभिसूचना इकाई आदि से भी इनपुट प्राप्त करें और उसे अपने स्रोतों से सत्यापित करके विस्तृत रिपोर्ट दें।
बैंक खातों की हो पड़ताल
सभी मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सत्यापन में बैंक खातों की भी पड़ताल की जाएगी। सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे न केवल मदरसों या संस्थाओं बल्कि उनके संचालकों के बैंक खातों में लेन-देन का विवरण भी सत्यापित करें। निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि अगर कहीं किसी तरहकी गड़बड़ी दिखती है तो उसके बारे में सूचित किया जाए, ताकि उसकी सघन पड़ताल करवाई जा सके।
एटीएस का पूरी तरह सहयोग करें जिलों के अफसर
अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक ने सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वे मदरसों में हो रही फंडिंग की जांच में एटीएस का पूरा सहयोग करें। निदेशक ने कहा है कि एटीएस विदेश फंडिंग के मामलों की पड़ताल कर रही है। अगर जांच के दौरान एटीएस के कोई भी अधिकारी इसमें विभाग का कोई सहयोग चाहते हैं तो उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध करवाई जाए।

लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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