लखनऊ अग्निकांड में कानपुर के 2 दोस्तों की भी चली गई जान, आग लगने से अटक गए थे सेंसर वाले गेट
लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इसमें कानपुर के रहने वाले दो दोस्त संयम विज और सूरजभान भी थे। दोनों युवक एनिमेशन सेंटर में थ्रीडी आर्टिस्ट का काम करते थे। आग लगने के दौरान सेंसर वाले गेट अटक गए। जिस कारण दोनों युवक बाहर नहीं निकल पाए और उनकी मौत हो गई।

Lucknow Fire Tragedy: लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में कानपुर के रहने वाले दो दोस्त संयम विज और सूरजभान भी शामिल हैं। दोनों युवक लखनऊ के गेमिंग जोन में एक एनिमेशन सेंटर में 3डी आर्टिस्ट के रूप में काम करते थे। हादसे के दौरान आग लगने से सेंसर वाले गेट जाम हो गए, जिससे वे समय रहते बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौत हो गई। एक ही संस्थान में काम करने के कारण दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।
गोविंदनगर स्थित ए-11 का रहने वाला 24 साल का संयम विज थ्रीडी एनिमेशन आर्टिस्ट था। परिवार में मां सोनिया, बड़ा भाई शुभम है। मामा मोनू सेठी ने बताया कि संयम के पिता पुष्पराज की 15 साल पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद उनकी बहन ने 12 साल पहले शीमू से शादी की थी। उनका बड़ा भांजा शुभम अपनी पत्नी पलक के साथ नोएडा में रहता है। संयम लखनऊ में तीन साल से नौकरी कर रहा था। वह शुक्रवार और शनिवार को छुट्टी होने पर घर आता था। उधर, हादसे की जानकारी होने पर उनकी मां परिजन के साथ लखनऊ के लिए रवाना हो गईं।
बर्रा-7 का रहने वाला सूरजभान भी उसी एनिमेशन शॉप में थ्रीडी आर्टिस्ट था। सूरज के परिवार में मां मीरा और छोटा भाई सम्राट है। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। वही परिवार का खर्च चलाता था।
दादी के शांति पाठ में संयम को आना था घर
परिजन ने बताया कि संयम की दादी की 16 दिन पहले मौत हुई थी। तब संयम घर आया था। मंगलवार को दादी का शांति पाठ था। उसने घर आने का वादा किया था। परिजन ने बताया कि संयम अच्छी नौकरी कर रहा था। उसकी शादी के लिए लड़की देखी जा रही थी।
सूरज की मां को नहीं दी हादसे की जानकारी
पड़ोसियों ने बताया कि सूरज के पिता शिवराम की पहले ही मौत हो चुकी है। सूरज ही नौकरी करके परिवार का खर्च चला रहा था। हादसे के वक्त छोटा भाई सम्राट ऋषिकेश घूमने गया था। हादसे के बाद उसे ही जानकारी दी गई। उसने सोमवार रात तक अपनी मां को हादसे की जानकारी नहीं दी। वह ऋषिकेश से सीधे लखनऊ के लिए निकला है।
सेंसर वाला गेट होने के कारण नहीं भाग सका
संयम के मामा सौरभ दुआ ने बताया कि भांजा जिस कॉम्प्लेक्स में काम करता था। वहां सेंसर वाले गेट लगे हुए थे। आग लगने के कारण सेंसर काम नहीं कर रहा था। जिस कारण हादसे के बाद गेट नहीं खुल सका। कई लोग गेट से बाहर निकलने का प्रयास करते रहे, लेकिन अंदर दम घुटने के कारण भांजे समेत कई लोगों की मौत हो गई।


