काम की बात: गंगा एक्सप्रेसवे पर मुफ्त का सफर खत्म, अडानी वाले हिस्सों की सड़क पर टैक्स की वसूली शुरू
गंगा एक्सप्रेसवे पर अब सफर करने वालों को टोल टैक्स का देना होगा। यूपीडा के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स वसूला जाएगा। यह वसूली अडाणी समूह द्वारा बनाए गए गंगा एक्सप्रेसवे के 80 फीसद हिस्से में होगी। जबकि आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा बनाए गए हिस्से में टोल टैक्स की वसूली शुक्रवार रात से होगी

UP News: गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) पर अब सफर करने वालों को टोल टैक्स का देना होगा। यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे पर गुरुवार आधी रात्रि 12 बजे से टोल टैक्स वसूला जाएगा। यह वसूली अडाणी समूह द्वारा बनाए गए गंगा एक्सप्रेसवे के 80 फीसद हिस्से में होगी। जबकि आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा बनाए गए हिस्से में टोल टैक्स की वसूली शुक्रवार रात 12 बजे से शुरू होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 29 अप्रैल को हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था। टोल टैक्स की वसूली 15 दिन बाद शुरू किए जाने का निर्णय किया गया था।
सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर बिना किसी शुल्क के सफर करने का आनंद उठा रहे वाहन चालकों की जेब पर अब मार पड़ेगी। शासन द्वारा दी गई 15 दिन की फ्री राइड की समय सीमा गुरुवार को समाप्त हो गयी। 14 मई की आधी रात से इस एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स वसूलने की प्रक्रिया विधिवत शुरू भी कर दी गयी। इंटरचेंज सोनिक के मैनेजर गौरव शर्मा ने बताया कि टोल का शुल्क वसूलने के लिए सारी मशीनें एक्टिव कर ली गयी हैं। 16 लोगों के स्टाफ से व्यवस्थाएं सुचारू रखी जायेंगी। एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स पर टोल दरों की सूची भी चस्पा कर दी गई है।
15 दिन तक एक्सप्रेसवे का सफर था फ्री
पहले डिजिटल एक्सप्रेसवे का संचालन 30 अप्रैल से आरंभ हो चुका है। शासन ने वाहनों का संचालन आरंभ होने के साथ ही 15 दिन तक टोल वसूली नहीं करने के आदेश दिए थे। अब रात बीती रात 12 बजे टोल का संचालन शुरू कर दिया गया। वाहनों की संख्या बढ़ाने पर भी कार्यदाई संस्थाए जोर जुगत में लगी है। कोई असुविधा न हो इसे लेकर भी जिले से जुड़े दोनों इंटरचेंज पर काम चालू है। लाइट, ट्रामा आदि की व्यवस्थाएं भी पूरी की गई। मैनेजर के मुताबिक एक टोल पर अभी ढाई हजार से तीन हजार वाहन दर्ज हो रहे। इनकी संख्या अब बढ़ने के आसार भी जग रहे हैं।
पूरी तरह ऑनलाइन, जितना सफर उतना टोल
उन्नाव के सोनिक टोल के मैनेजर गौरव शर्मा ने बताया कि यह पूरी तरह से फास्टटैग आधारित ट्रांजिट सिस्टम है। जिसमें आपके द्वारा तय की गई दूरी के अनुसार ही शुल्क कटता है। प्रारंभिक निर्धारण के अनुसार कार/जीप से 2.55 प्रति किमी (पूरे सफर पर लगभग 1,515) बस और ट्रक पर 8.20 प्रति किलोमीटर (पूरे सफर का करीब 5,700 रुपये उससे अधिक) लिया जाएगा। प्रति किमी कार/जीप के लिए रुपये 2.55, हल्के कमर्शियल वाहन के लिए रुपए 4.5 रुपये, बस/ट्रक के लिए रुपये 8.20 रुपए पूरी यात्रा का है। मेरठ से प्रयागराज तक कार से लगभग रुपये 1500 से रुपये 1800 तक का टोल खर्च आ सकता है। एक्सप्रेसवे पर बैरियरलेस ऑटोमैटिक टोल सिस्टम है, जो फास्टैग से सीधे टोल काटेगा।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
और पढ़ें

