यूपी: इस जिले में नहीं मिल रहे बिजली बिल संशोधन के 4 साल के रिकॉर्ड, लाखों के भुगतान के दस्तावेज गायब
गोरखपुर के विद्युत वितरण खंड गुलरिहा में वर्ष 2016 से 2023 तक के TI भुगतान और वर्ष 2019 से 2023 तक के बीच में किए गए बिल संशोधन से संबधित रिकार्ड का पता नहीं चल रहा। दरअसल, गुलरिहा में तैनात एक कार्यकारी सहायक पर किसी के द्वारा टीआई भुगतान और बिल संशोधन में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया था।

UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बिजली निगम से टीआई (टेंपरेरी इंप्रेस्ट) भुगतान से संबंधित 48 लाख से अधिक के दस्तावेज गायब हैं। इसके साथ ही चार साल में किए गए बिल संशोधन के रिकार्ड का भी पता नहीं चल रहा है, जिसकी अनुमानित राशि करीब दो करोड़ बताई जा रही है। दस्तावेजों के गायब होने का मामला तब सामने आया जब एक कार्यकारी सहायक पर चल रही जांच के दौरान दस्तावेजों के जांच के लिए जांच टीम ने दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा।
विद्युत वितरण खंड गुलरिहा में वर्ष 2016 से 2023 तक के टीआई भुगतान और वर्ष 2019 से 2023 तक के बीच में किए गए बिल संशोधन से संबधित रिकार्ड का पता नहीं चल रहा है। दरअसल विद्युत वितरण खंड गुलरिहा में वर्ष 2016 से 2023 तक तैनात एक कार्यकारी सहायक पर किसी के द्वारा टीआई भुगतान और वर्ष 2019 से 2023 तक के बिल संशोधन में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया था। जिसको लेकर मुख्य अभियंता ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित किया था। जब जांच टीम ने आरोपों के जांच के लिए खंड के अधिशासी अभियंता से पत्र लिखकर कार्यकारी सहायक के खंड में तैनात रहने के दौरान किए गए बिल संशोधन और टीआई भुगतान से संबंधित दस्तावेज मांगा था।
उसके जवाब में अधिशासी अभियंता ने 30 जनवरी 2026 को जांच टीम को पत्र लिख कर बताया कि कार्यकारी सहायक द्वारा कार्यावद्धि के दौरान बिल संशोधन और टीआई भुगतान से संबंधित दस्तावेज हस्तगत नहीं कराया गया है।
यह होता है टीआई
टीआई (टेंपरेरी इंप्रेस्ट यानी अस्थायी अग्रदाय/अग्रिम) एक निश्चित नकद राशि है जो किसी कर्मचारी को विशेष, छोटे और आकस्मिक व्यावसायिक खर्चों (जैसे- स्टेशनरी, यात्रा) के लिए दी जाती है। यह एक निश्चित अवधि के लिए होती है, जिसका उपयोग करने के बाद रसीदें जमा कर शेष राशि लौटानी या खाते का निपटान करना अनिवार्य होता है।
क्या बोले अधिकारी
विद्युत वितरण खंड गुलरिहा के अधिशासी अभियंता राजवीर सिंह ने बताया कि कार्यकारी सहायक द्वारा अपने स्थानांतरण के उपरांत कार्यावद्धि में दौरान किए गए बिल संशोधन और टीआई भुगतान संबंधित दस्तावेज वर्तमान कार्यकारी सहायक को हस्तगत नहीं कराया गया है।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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