चार बार निलंबन और कई बार नोटिस, स्कूल से गायब रहने वाले सहायक अध्यापक पर ऐक्शन, बर्खास्त
अमेठी में एक सहायक अध्यापक की लापरवाही उस पर भारी पड़ गई। चार बार निलंबिन के बाद भी सहायक अध्यापक की कार्यशैली में सुधार नहीं आया तो बीएसए ने उसे बर्खास्त कर दिया।

Amethi News: यूपी के अमेठी में लापरवाही के चलते चार बार निलंबित हो चुके सहायक अध्यापक की कार्यशैली में थोड़ा सा भी सुधार नहीं आया। विद्यालय से लगातार अनुपस्थित रहने और काम में लापरवाही करना सहायक अध्यापक के आचरण में शुमार हो चुका था। इसको लेकर विभाग ने सख्त ऐक्शन लिया। बीएसए ने विभागीय निर्देशों की अनदेखी करने वाले सहायक अध्यापक संतोष कुमार पाल को सेवा से बर्खास्त कर दिया। संतोष पाल शुकुल बाजार थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पूरे बख्तावर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। उनके खिलाफ पूर्व में चार बार निलंबन की कार्रवाई हो चुकी थी। बार-बार अवसर दिए जाने के बाद भी उनके कार्य एवं व्यवहार में सुधार नहीं होने पर विभाग ने यह कार्रवाई की है।
विभागीय अभिलेखों के अनुसार संतोष कुमार पाल को पहली बार 16 नवंबर 2021 को निलंबित किया गया था। इसके बाद 20 मई 2023 को दूसरी बार, 13 जनवरी 2025 को तीसरी बार और 25 मार्च 2026 को चौथी बार निलंबित किया गया। हर बार विभाग की ओर से उन्हें अपने कार्य व्यवहार में सुधार करने का अवसर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। मामले की विभागीय जांच खंड शिक्षा अधिकारी संग्रामपुर को सौंपी गई थी। जांच के दौरान सहायक अध्यापक को कई बार अपना पक्ष रखने और आरोपों के संबंध में जवाब देने का अवसर दिया गया। विभाग की ओर से पत्र और नोटिस भेजे गए। लेकिन उन्होंने निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जांच के दौरान उनके लगातार अनुपस्थित रहने और विभागीय निर्देशों का पालन नहीं करने संबंधी आरोपों की पुष्टि हुई।
खंड शिक्षा अधिकारी की जांच पर हुई कार्रवाई
खंड शिक्षा अधिकारी संग्रामपुर की जांच आख्या मिलने के बाद बीएसए ने मामले में कार्रवाई करते हुए संतोष कुमार पाल की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश में उनके कार्य व्यवहार को अनुशासनहीनता और विभागीय नियमों के विपरीत माना गया है। बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि संतोष कुमार पाल को चार बार निलंबित किया जा चुका था। प्रत्येक बार उन्हें सुधार का अवसर दिया गया। लेकिन उनके कार्य एवं व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। खंड शिक्षा अधिकारी संग्रामपुर की जांच आख्या में आरोपों की पुष्टि होने के बाद विभागीय नियमों के तहत उनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की गई है।


