एलडीए की 4 आवासीय योजनाओं से लोगों को मिलेगी छत, लखनऊ में अपने घर का सपना पूरा होगा
एलडीए की 4 आवासीय योजनाओं से लोगों को छत मिलेगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण अपनी चार महात्वाकांक्षी योजनाओं वरुण विहार, नैमिष नगर, वेलनेस सिटी और आईटी सिटी के माध्यम से अपने घर का सपना पूरा होगा।

वर्ष 2026 लखनऊ के शहरी विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है। लखनऊ विकास प्राधिकरण अपनी चार महात्वाकांक्षी योजनाओं वरुण विहार, नैमिष नगर, वेलनेस सिटी और आईटी सिटी के माध्यम से शहर का भूगोल बदलने की तैयारी कर चुका है। लगभग 12,000 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फैली ये योजनाएं 2 लाख से अधिक लोगों को छत देंगी। रोजगार और निवेश के नए रास्ते खोलेंगी। 2025 में जमीन अधिग्रहण और लैंड पूलिंग के सफल प्रयोगों के बाद, 2026 इन सपनों को जमीन पर उतारने का साल होगा।
वरुण विहार और नैमिष नगर
वर्ष 2026 में आगरा एक्सप्रेस-वे के किनारे वरुण विहार और सीतापुर रोड पर नैमिष नगर के रूप में दो नए उपनगर पूरी तरह आकार लेने लगेंगे।
वरुण विहार (आगरा एक्सप्रेस-वे):- 6,580 एकड़ में फैली यह प्रदेश की सबसे बड़ी आवासीय योजना होगी। 2025 में 550 बीघा से अधिक जमीन का बैनामा और करोड़ों का मुआवजा वितरण हो चुका है। 2026 के मध्य तक यहां 25 सेक्टरों का लेआउट जमीन पर दिखने लगेगा। 15,000 भूखंडों वाली इस योजना की खासियत यहां प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय गोल्फ कोर्स और 300 एकड़ का लॉजिस्टिक्स पार्क होगा। यह क्षेत्र आने वाले समय में दिल्ली और लखनऊ के बीच सबसे बड़ा कमर्शियल हब बनेगा।
नैमिष नगर (सीतापुर रोड):- लगभग 1084 हेक्टेयर में विकसित हो रहा नैमिष नगर 2026 में 2 लाख लोगों की आवासीय जरूरतों को पूरा करने की दिशा में तेजी से बढ़ेगा। 4,785 करोड़ रुपये की इस योजना में 18 गांवों की जमीन शामिल है। यहां स्मार्ट सिटी की तर्ज पर चौड़ी सड़कें, स्कूल, अस्पताल और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं होंगी। 2026 में यहां विकास कार्यों का टेंडर और बुनियादी ढांचे (सड़क-नाली) का निर्माण प्राथमिकता पर रहेगा।
वेलनेस सिटी और आईटी सिटी - निवेश और स्वास्थ्य का नया ग्लोबल हब
सुलतानपुर रोड और किसान पथ के किनारे विकसित हो रही वेलनेस सिटी और आईटी सिटी लखनऊ को वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएंगी।
वेलनेस सिटी (मेडिसिटी का सपना): 1197 एकड़ में फैली यह योजना 2026 में उत्तर भारत के सबसे बड़े मेडिकल हब के रूप में उभरेगी। लैंड पूलिंग के माध्यम से जमीन जुटाने की सफल शुरुआत के बाद, अब यहां सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और विपासना केंद्रों का निर्माण शुरू होगा। सबसे बड़ा बदलाव अमीनाबाद मेडिसिन मार्केट की शिफ्टिंग होगी, जिससे पुराने लखनऊ का दबाव कम होगा और व्यापारियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। 3,000 से अधिक आवासीय भूखंडों के साथ यहां 60 मीटर चौड़ी सड़कों का नेटवर्क बिछाया जाएगा।
आईटी सिटी (रोजगार और निवेश): 2,858 एकड़ में प्रस्तावित आईटी सिटी 2026 में निजी निवेश को आकर्षित करने का प्रमुख केंद्र होगी। 10 सेक्टरों वाली इस योजना में 5,000 आवासीय भूखंडों के साथ-साथ 445 एकड़ का इंडस्ट्रियल एरिया आरक्षित किया गया है। 2026 के शुरुआती महीनों में ही यहाँ ग्रिड सड़कों का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। 200 एकड़ में प्रस्तावित गोल्फ सिटी और वाटर बॉडीज इसे पर्यावरण के अनुकूल आधुनिक कार्यक्षेत्र बनाएंगी।
गोमती बायो-डाइवर्सिटी पार्क और उर्मिला वन - लखनऊ के नए ऑक्सीजन
विकास की कंक्रीट वाली इमारतों के बीच एलडीए ने 2026 में लखनऊ की हवा सुधारने के लिए दो बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर उतारा है।
गोमती बायो-डाइवर्सिटी पार्क (गोमती नगर): सहारा ग्रुप से वापस ली गई 75 एकड़ जमीन पर शहर का पहला बायो-डाइवर्सिटी पार्क 2026 में अपनी हरियाली बिखेरना शुरू कर देगा। दिल्ली के यमुना पार्क की तर्ज पर विकसित हो रहे इस पार्क में वॉटर बॉडीज, वॉच टॉवर और नेचुरल इंटरप्रिटेशन सेंटर होंगे। यह पार्क न केवल प्रवासी पक्षियों का बसेरा बनेगा, बल्कि छात्रों के लिए जैव-विविधता का जीवंत स्कूल भी साबित होगा।
उर्मिला वन (कुकरैल तट): कुकरैल नदी के किनारे 24 एकड़ में फैला उर्मिला वन मियावॉकी पद्धति से विकसित किया जा रहा है। 2026 में यह सघन वन लखनऊ के तापमान को नियंत्रित करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। यहां कोई पक्का निर्माण नहीं होगा; केवल कच्चे रास्ते और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली होगी। उर्मिला वन में पीपल, पाकड़ और जामुन जैसे औषधीय पेड़ों के साथ कुकरैल की जल गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष जलीय पौधे लगाए जा रहे हैं।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
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