प्रयागराज के मकान में एक-एक कर मिले 4 शव, केमिकल से जलाई गई चौथी लाश किसकी?
मकान से निकल रही दुर्गंध इतनी तेज थी कि चौराहे से गुजरने वाले राहगीरों तक को दिक्कत हो रही थी। आसपास के दुकानदारों को पहले लगा कि किसी जानवर की मौत हुई होगी, लेकिन जब पुलिस मकान का ताला तोड़कर अंदर गई तो पूरा मामला सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया।

Prayagraj Murder Mistry : यूपी के प्रयागराज के साउथ मलाका में चार लोगों की निर्मम हत्या की बात फैलते ही पूरा इलाके में सनसनी फैल गई। मंगलवार दोपहर घर के भीतर से उठ रही तेज दुर्गंध ने जिस खौफनाक कांड से पर्दा उठाया, उसने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पुलिस को भी हैरान कर दिया। एक के बाद एक, चार शव बरामद होने की खबर फैलते ही साउथ मलाका चौराहे पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर चार लोगों की इतनी बेरहमी से हत्या किसने और क्यों की?
मकान से निकल रही दुर्गंध इतनी तीव्र थी कि चौराहे से गुजरने वाले राहगीरों तक को परेशानी हो रही थी। आसपास के दुकानदारों को पहले लगा कि किसी जानवर की मौत हुई होगी, लेकिन जब पुलिस ने मकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो पूरा मामला सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया। बताया जा रहा है कि शव करीब तीन दिन तक बंद कमरों में पड़े रहने के कारण सड़ने लगे थे, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई थी। चार हत्याओं की खबर फैलते ही आसपास के लोग अपने घरों और दुकानों से निकलकर घटनास्थल पर पहुंच गए। चौराहे पर देर शाम तक लोगों की भीड़ जुटी रही। घटनास्थल पर पुलिस कमिश्नर, अपर पुलिस आयुक्त, डीसीपी सिटी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉग स्क्वायड की टीम घंटों जांच में जुटी रही। पुलिस को मकान से तीन मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल होने की आशंका वाली एक हथौड़ी भी मिली है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस आसपास के लोगों, किरायेदारों, रिश्तेदारों और परिवार से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। शहर के बीचोंबीच हुए इस सनसनीखेज चौहरे हत्याकांड ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है।
चौथा शव किसका? सबसे बड़ा सवाल
साउथ मलाका हत्याकांड की जांच में सबसे बड़ा सवाल भूतल स्थित कलर लैब से बरामद चौथे शव की पहचान को लेकर खड़ा हो गया है। पुलिस को आशंका है कि युवक की पहले दुकान के भीतर हत्या की गई और फिर केमिकल डालकर उसका चेहरा जला दिया गया, ताकि पहचान छिपाई जा सके। प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि शव वीरेंद्र वैश्य के बड़े बेटे अभिषेक का हो सकता है, लेकिन चेहरा बुरी तरह झुलस जाने के कारण इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस डीएनए परीक्षण और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से पहचान सुनिश्चित कराने की तैयारी कर रही है।
पुलिस को यह भी संदेह है कि युवक की हत्या के बाद आरोपी पहली मंजिल पर पहुंचे और वृद्ध दंपती वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता और बेटी मीनाक्षी पर हथौड़ी या किसी भारी वस्तु से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं चौथा शव किसी अन्य व्यक्ति का तो नहीं है और पहचान छिपाने के लिए चेहरा जलाया गया हो। इसी बिंदु को जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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