यूपी के पूर्व मंत्री ने सुभासपा MLA के 7वीं मंजिल वाले आवास से लगा दी छलांग, सुसाइड की क्या है वजह?
यूपी के पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री नानकदीन भुर्जी ने नए बने विधायक निवास की सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने जिस आवास के छज्जे की तरफ से छलांग लगाई, वो सुभासपा के विधायक हंसू राम का है। फ्लैट में विधायक प्रतिनिधि मो. आरिफ मौजूद था। आरिफ उनके लिए कॉफी बनाने गया था।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लालबाग दारुलशफा के नए विधायक निवास में सातवीं मंजिल से गिरने से दर्जा प्राप्त पूर्व मंत्री नानकदीन भुर्जी की मौत हो गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि उन्होंने सुभासपा के विधायक हंसू राम के आवास से छलांग लगाई। लोगों ने आवाज सुनी तो देखा कि पूर्व मंत्री फर्श पर लहूलुहान पड़े हैं। उन्हें सिविल अस्पताल इमरजेंसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पूर्व मंत्री की मौत की खबर सुनकर उनके परिवारीजन और उनसे जुड़े लोग बड़ी संख्या में सिविल अस्पताल पहुंच गए। वहां से शव केजीएमयू में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पूर्व मंत्री ने सुसाइड क्यों किया? इस बारे में अब तक कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है। पुलिस का दावा है कि वह अवसाद में थे।
खदरा निवासी और दर्जा प्राप्त पूर्व मंत्री नानकदीन भुर्जी मंगलवार दोपहर को बलिया के बेल्थरा रोड से सुभासपा विधायक हंसू राम के लालबाग बहुखंडी सी ब्लॉक सरकारी आवास फ्लैट नंबर 703 पहुंचे। सातवीं मंजिल पर फ्लैट में विधायक प्रतिनिधि मो. आरिफ मौजूद था। मो. आरिफ के मुताबिक विधायक हंसू राम दूसरे जिले के लिए सुबह ही रवाना हो गए थे। नानकदीन भुर्जी दोपहर में पहुंचे तो उससे बातचीत हुई। नानकदीन अक्सर वहां जाते थे। कुछ देर बैठने और बातचीत के बाद मो. आरिफ उनके लिए कॉफी बनाने किचन में चला गया। आरिफ ने बताया कि उसी बीच नानकदीन उठे और फ्लैट के छज्जे की ओर से छलांग लगा दी। नानकदीन के साथ वहां रखा गमला भी गिर गया। शोर सुनकर आरिफ ने छज्जे से देखा तो नानकदीन नीचे पड़े थे। वह तुरंत ही नीचे भागकर गए। नानकदीन के सिर पर चोट आई। पुलिस को सूचना देने के साथ ही उन्हें लेकर आरिफ सिविल अस्पताल इमरजेंसी पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर सबूत जुटाए
सिविल अस्पताल में हजरतगंज एसीपी रजनीश वर्मा, इंस्पेक्टर विक्रम सिंह पहुंचे। भाई अरुण गुप्ता, बेटों उत्तम और सनी से बातचीत कर जानकारी जुटाई। मौके पर अन्य परिजन, भाजपा व भुर्जी समाज के संगठन से जुड़े पदाधिकारी भी पहुंचे। पुलिस ने तुरंत ही पंचनामा भरकर शव केजीएमयू पोस्टमार्टम गृह भिजवा दिया, जहां से शाम को उनका शव लेकर परिजन घर चले गए। भाई अरुण ने बताया कि अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा। घटना स्थल पर पुलिस टीम के साथ फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और लोगों के बयान दर्ज किए गए। एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि भाई, बेटों और अन्य परिजन ने किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं लगाया है।
साल- 2006 में रहे दर्जा प्राप्त मंत्री
खदरा निवासी नानकदीन भुर्जी पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के काफी करीबी थे। छोटे भाई अरुण गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2006 में समाजवादी सरकार में मुलायम सिंह ने राज्य संपत्ति विभाग से नौकरी छुड़वाकर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाया था। नानकदीन छह दिसंबर 2006 में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सलाहकार बनाए गए थे। उनका कार्यकाल 21 फरवरी 2006 को समाप्त हो गया था। वह बहुत कम समय के लिए दर्जा प्राप्त मंत्री रहे थे। वह हिन्दुस्तान पिछड़ा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। वर्तमान में वह भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ से जुड़े थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत अन्य भाजपा नेताओं के साथ नानकदीन की सोशल मीडिया पर फोटो भी हैं।


