पूर्व मंत्री और उनके भाई के बीच खूनी संघर्ष, जमकर चला हथौड़ा और लाठी, केस दर्ज
गोरखपुर में पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री गंगा प्रसाद निषाद और उनके सगे भाई भागवत चन्द्र के बीच पानी निकासी को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है।

UP News: यूपी के गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र के खुटहन खास गांव में पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री गंगा प्रसाद निषाद और उनके सगे भाई भागवत चन्द्र के बीच पानी निकासी को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ गुलरिहा थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री गंगा प्रसाद निषाद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गुरुवार सुबह करीब छह बजे वह अपने दरवाजे पर टहल रहे थे। इसी दौरान उनके पटीदार और भाई भागवत चन्द्र अपने घर के सामने गड्ढा खोदकर बरसाती पानी उनके मकान की नींव की ओर बहा रहे थे। गंगा निषाद का आरोप है कि उन्होंने इसका विरोध करने पर भागवत चन्द्र और उनके बेटे विजय ने उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि विजय और अजय लाठी और हथौड़ा लेकर पहुंचे और उनके सिर पर हमला कर घायल कर दिया।
वहीं, दूसरे पक्ष से भागवत चन्द्र ने भी तहरीर देकर गंगा निषाद और उनके परिवार पर मारपीट का आरोप लगाया है। भागवत चन्द्र के मुताबिक, सुबह करीब 6:21 बजे गंगा निषाद ने फोन कर उन्हें दूसरे दरवाजे पर बुलाया और पानी निकासी को लेकर बहस शुरू कर दी। आरोप है कि गंगा निषाद के नाती आकर्ष निषाद और अन्य लोगों ने उन पर तथा उनके बेटे पर हमला कर दिया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भाइयों के बीच पहले भी विवाद की घटना हो चुकी है।
इस मामले में सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि दो सगे भाइयों के बीच मारपीट की घटना हुई है। पुलिस ने दोनों पक्ष की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच व साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एमएलसी अक्षय प्रताप समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज
उधर, कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया की पत्नी भानवी सिंह की तहरीर पर गुरुवार को हजरतगंज कोतवाली में एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह समेत चार नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। भानवी सिंह ने एमएलसी और साथियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और कंपनी हड़पने का आरोप लगाया है। भानवी की अर्जी पर कोर्ट के आदेश के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई है।
भानवी सिंह की तहरीर के मुताबिक उन्होंने व अक्षय प्रताप सिंह, रोहित सिंह, अनिल सिंह, रामदेव यादव और अन्य ने मिलकर 10 फरवरी 2014 को साझेदारी फर्म का पंजीकरण कराया गया। फर्म पंजीकरण निबंधक कार्यालय में मेसर्स सारंग इंटरप्राइजेज फ्लैट सिल्वर ओक अपार्टमेंट गोखले मार्ग के नाम से कराया गया। फर्म में उन्होंने और पाट्नर्स द्वारा करोड़ों रुपए का निवेश किया था।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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