
अमिताभ ठाकुर की तबीयत में सुधार, पीजीआई से डिस्चार्ज के बाद देवरिया जेल लाए गए
धोखाधड़ी के मामले में देवरिया जेल में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत में सुधार होने के बाद शुक्रवार को पीजीआई से डिस्चार्ज हो गए। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें जिला कारागार देवरिया लाया गया।
धोखाधड़ी के मामले में देवरिया जेल में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत में सुधार होने के बाद शुक्रवार को पीजीआई से डिस्चार्ज हो गए। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें जिला कारागार देवरिया लाया गया। शाम करीब साढ़े सात बजे वे जिला कारागार पहुंचे।लखनऊ के गोमतीनगर के विराम खंड निवासी अमिताभ ठाकुर ने 1999 में देवरिया में एसपी रहने के दौरान पत्नी नूतन के नाम से औद्योगिक क्षेत्र में प्लाट खरीदा था। प्लाट खरीदने के दौरान नूतन ठाकुर की जगह नूतन देवी व पति का नाम अमिताभ ठाकुर की जगह अभिजात लिखा गया। सितंबर 2025 में इस मामले में लखनऊ के ताल कटोरा थाने में केस दर्ज हुआ था।
10 दिसंबर को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर सीजेएम न्यायालय में पेश किया, जहां से वह जेल भेज दिए गए। 6 जनवरी की रात अचानक उनकी तबीयत जेल में बिगड़ गई और फिर उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज, बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर पहुंचाया गया। जहां से बुधवार की रात पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया। पीजीआई में इलाज के बाद सेहत में सुधार होने पर शुक्रवार को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वह देवरिया लाए गए। शाम करीब साढ़े सात बजे जिला कारागार पहुंचे अमिताभ ठाकुर हाथ में एक फाइल लिए हुए थे।
पूर्व आईपीएस अभिताभ ठाकुर को मिली जमानत
वहीं दूसरी ओर वाराणसी जिला जज संजीव शुक्ला की कोर्ट से शुक्रवार को आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जमानत मिल गई। अमिताभ ठाकुर के खिलाफ चौक थाने में हिंदू युवा वाहिनी के नेता अम्बरीष सिंह ‘भोला’ ने केस दर्ज कराया था। बचाव पक्ष से अधिवक्ता अनुज यादव ने पैरवी की। तर्क दिया कि उनके मुवक्किल ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। उन्होंने कफ सिरप तस्करी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। प्रकरण के अनुसार बड़ी पियरी निवासी हिंदू युवा वाहिनी के नेता अम्बरीष सिंह भोला ने चौक थाने में बीते नौ दिसंबर को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि बीते 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन पर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने के झूठे आरोप लगाए गए थे। साथ ही बहुचर्चित कफ सिरप तस्करी मामले में बिना किसी साक्ष्य उनकी संलिप्तता बताई गई थी। जिससे उनकी सामाजिक छवि धूमिल हुई। इस मामले में पुलिस ने अमिताभ ठाकुर समेत उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर और एक अन्य को भी आरोपी बनाया है।

लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पिछले आठ सालों से काम कर रहे हैं। वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। पत्रकारिता में 13 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश की डिजिटल मीडिया और प्रिंट जर्नलिज्म में अलग पहचान है। इससे पहले लंबे समय तक प्रिंट में डेस्क पर भी काम किया है। कुछ सालों तक ब्यूरो में भी रहे हैं। यूपी और राजस्थान के सीकर जिले में भी पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ सोशल, क्राइम की खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। वायरल वीडियो की फैक्ट चेकिंग में दिनेश को महारत हासिल है।
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