मुश्किल में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, दूसरी बार गिरफ्तारी वारंट का आदेश
अजय कुमार लल्लू के खिलाफ दायर मानहानि के परिवाद में एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। यह दूसरी बार है जब कोर्ट ने अजय कुमार के खिलाफ वारंट जारी किया है।

Ajay Kumar Lallu: कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार उर्फ लल्लू की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अजय कुमार लल्लू के खिलाफ दायर मानहानि के परिवाद में एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने दूसरी बार गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। पूर्व में 24 अगस्त को भी कोर्ट ने आदेश जारी किया था, लेकिन अगले दिन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कोर्ट में हाजिर होकर उसे निरस्त करा लिया था। मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
कोर्ट ने लल्लू की ओर से दी गई स्थगन व हाजिरी माफी की अर्जी को भी खारिज करते हुए कहा कि पूर्व में भी इसी प्रकार का एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। उसे निरस्त कर 24 अगस्त को गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। वारंट जारी होने के बाद लल्लू ने 25 अगस्त को न्यायालय में हाजिर होकर अपने खिलाफ जारी आदेश को निरस्त करा लिया था। अदालत ने कहा है कि इसके बावजूद लल्लू की ओर से बहस नहीं की गई और पुनः उन्हीं आधारों पर प्रार्थना प्रस्तुत कर दिया गया। इससे स्पष्ट है कि प्रकरण को लगातार लंबित किया जा रहा है। अदालत ने कहा है कि प्रार्थना पत्र स्वीकार किए जाने का कोई उचित आधार नहीं है। कोर्ट ने लल्लू की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए पुनः गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है।
पूर्व उर्जा मंत्री ने दायर किया था मानहानि का परिवाद
विशेष अधिवक्ता रमेश कुमार शुक्ला के अनुसार भाजपा के पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खिलाफ 16 दिसंबर 2019 को मानहानि का आरोप लगाते हुए एक शिकायती परिवाद दाखिल किया था। परिवाद में आरोप लगाया गया था कि लल्लू ने 4 नवंबर 2019 को प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने झूठा, दुर्भावना पूर्ण एवं भ्रामक बयान दिया था। लल्लू ने अपने बयानों में कहा था कि गरीब जनता की बिजली कुछ सौ और हजार रुपये के बकाए पर कटवा देने वाले मंत्री जी विभाग के खजाने से हजारों करोड़ रुपये देशद्रोहियों दाऊद इब्राहिम और इकबाल मिर्ची से जुड़ी कंपनियों को देते हैं। आरोप है कि अगले दिन 5 नवंबर को अजय कुमार लल्लू ने पुनः बयान दिया कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि सितंबर अक्तूबर 2017 में ऊर्जा मंत्री किस प्रयोजन से दुबई गए थे। वहां किन-किन लोगों से मुलाकात की? उन्होंने मीडिया के सामने यह भी बयान दिया था कि यह दौरा उस समय कि जब डीएचएफएल का पैसा सनब्लिंक कंपनी को जा रहा था। ऊर्जा मंत्री 10 दिनों की इस आधिकारिक यात्रा का उद्देश्य बताएं।
एमपी/एमएलए कोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीश ने सुनाई थी सजा
इस परिवाद पर सुनवाई के उपरांत तत्कालीन एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम अम्बरीष कुमार श्रीवास्तव ने अजय कुमार लालू को एक वर्ष के साधारण कारावास एवं 10000 के जुर्माने की सजा सुनाई थी। अदालत यह भी कहा था कि जुर्माना जमा न करने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद लल्लू के अनुरोध पर विशेष अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। उसके बाद लल्लू ने विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ सत्र अदालत में अपील दाखिल की थी।


