यूपी के इस जिले में बीएसए पर तमतमाए बीजेपी के पूर्व विधायक, दफ्तर पहुंचकर उतारा
पूर्व विधायक ने बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक-शिक्षिकाओं का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। BSA के स्तर पर एक महिला शिक्षिका को अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं करने का मामला सामने आया है। पूर्व विधायक ने कहा कि किसी भी शिक्षक-शिक्षिका का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।

यूपी के मुजफ्फरनगर में गुरुवार को बुढ़ाना के पूर्व भाजपा विधायक उमेश मलिक बीएसए कार्यालय में पहुंचे और बीएसए पर कार्यप्रणाली को लेकर जमकर भड़के। पूर्व विधायक ने विभाग में शिक्षक-शिक्षिकाओं का मानसिक एवं आर्थिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। बीएसए के स्तर पर एक महिला शिक्षिका को अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं करने का मामला सामने आया है। पूर्व विधायक ने कहा कि बेसिक विभाग में किसी भी शिक्षक-शिक्षिका का मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बीएसए को जनपद में नहीं रहने देने की चेतावनी दी है। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। हालांकि हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टी नहीं करता है।
जानकारी के अनुसार एक महिला शिक्षिका रश्मि ने अनुभव प्रमाण के लिए आवेदन किया हुआ है। रश्मि का वर्ष 2021 में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती में सहायक अध्यापक के पद पर चयन हुआ था। बताया जाता है कि कहीं पर काउंसलिंग के लिए उन्हें अपने पुराने शिक्षण अनुभव के सत्यापन की आवश्यकता थी। शिक्षिका का आरोप है कि वह 10 दिनों से बीएसए कार्यालय में चक्कर काट रही है, लेकिन उसे विभागीय नियमों का हवाला देकर अनुभव प्रमाण पत्र अभी तक जारी नहीं किया गया। शिक्षिका ने इसकी शिकायत बुढ़ाना क्षेत्र के पूर्व विधायक उमेश मलिक से की। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत करने की बात कही है।
इस मामले को लेकर गुरुवार को जब पूर्व विधायक उमेश मलिक शिक्षिका की पैरवी लेकर बीएसए कार्यालय पहुंचे, तो वहां बीएसए से तीखी बहस हो गई। इतना ही नहीं अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं करने पर पूर्व विधायक उमेश मलिक बीएसए संदीप कुमार पर जमकर भड़के। इस दौरान किसी ने उनका वीडियो बना लिया और इसे शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में पूर्व विधायक ने बीएसए से कहा कि आपकी मानसिकता खराब है, और खराब मानसिकता के साथ कुर्सी पर बैठकर काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी की सरकार जनता के हित के लिए है, न कि जनता को परेशान करने के लिए।
बीएसए ने आरोपों को नकारा, बोले नियमों के दायरे में होगा काम
इस संबंध में बीएसए संदीप कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि वर्ष 1978 की नियमावली के तहत मान्यता प्राप्त स्कूलों में नियुक्ति के लिए एक तय चयन प्रक्रिया और अनुमोदन अनिवार्य है। शिक्षिका ने वर्ष 2021 की नियुक्ति बताई है, लेकिन हमारे कार्यालय में न तो कोई फाइल पुट अप हुई है और न ही कोई अनुमोदन है। खंड शिक्षा अधिकारी की जांच आख्या के आधार पर ही कार्रवाई की गई है। हमने कोई दबाव नहीं बनाया, बस नियमावली के तहत तथ्य रखे थे।
क्या बोले पूर्व विधायक
बुढ़ाना के पूर्व विधायक उमेश मलिक ने कहा कि गांव ककरौली की रश्मि वर्ष 2012 से कार्यरत थी। पहले सहायक अध्यापक थी, बाद में प्रधानाध्यापक बनी थी। अभी लखनऊ में सहायक अध्यापक की भर्ती निकली थी, उसमें वह काउंसलिंग में गई थी। काउंसलिंग में उसका सलेक्शन हो गया था। उससे बताया गया कि जहां आप पढ़ा रही थीं, वहां के प्रबंधक और बीएसए से अनुभव प्रमाण पत्र लाकर जमा कराएं। सके बाद भी पिछले 10 दिन से वह चक्कर काट रही थी। इसकी शिकायत मेरे पास आई थी।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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