लकड़ी कटवाने के बदले मांगी 18 हजार की घूस, एंटी करप्शन के बिछाए जाल में फंस गया वन दरोगा

रायबरेली
Follow us on Google News
share

रायबरेली जिले में तैनात दरोगा संजय यादव को एंटी करप्शन की टीम ने 18 हजार रुपए की घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। बताया जा रहा है कि आरोपी वन दरोगा ने प्रतिबंधित लकड़ी कटवाने के एवज में रुपये की मांग की थी।

लकड़ी कटवाने के बदले मांगी 18 हजार की घूस, एंटी करप्शन के बिछाए जाल में फंस गया वन दरोगा

Raibreilly News: यूपी में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी है। रायबरेली में एंटी करप्शन की टीम ने एक घूसखोर वन दरोगा को रंगे हाथ पकड़ा है। वन दरोगा ने प्रतिबंधित लकड़ी कटवाने के बदले में 18 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत पर एंटी करप्शन ने वन दरोगा को पकड़ने के लिए जाल बिछाया, जिसमें वह फंस गया।

बछरावा थानाक्षेत्र स्थित लालगंज रोड पर गुरुवार को एंटी करप्शन टीम ने एक वन दरोगा को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी ने प्रतिबंधित लकड़ी कटवाने के एवज में घूस मांगी थी। गुरुवार को पीड़ित की शिकायत पर लखनऊ से पहुंची एंटी करप्शन टीम ने रेंजर कार्यालय में 18 हजार रुपये घूस लेते हुए दरोगा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने बछरावां थाने में आरोपी वन दरोगा के खिलाफ तहरीर दी और पूछताछ के लिए वन दरोगा को लखनऊ लेकर रवाना हो गई। आरोपी दरोगा की पहचान संजय यादव के रूप में हुई है।

लखनऊ एंटी करप्शन टीम ने की कार्रवाई

एंटी करप्शन टीम में शामिल सूत्रों ने बताया कि बछरावां वन विभाग रेंज में तैनात दरोगा संजय यादव के खिलाफ घूस मांगने की शिकायत मिली थी। यह रिश्वत प्रतिबंधित लकड़ी के कटाने के नाम पर मांगी गई थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन लखनऊ से की थी। गुरुवार को पीड़ित के साथ मिलकर बिछाए गए जाल के अनुसार लखनऊ से एंटी करप्शन टीम बछरावां पहुंची, जहां वन दरोगा संजय यादव को 18 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। एंटी करप्शन टीम ने दरोगा से घूस के रूप में लिए गए 18000 रुपये बरामद कर लिए हैं। हालांकि आधिकारिक रूप से अभी एंटी करप्शन टीम की तरफ से कोई भी बयान जारी नहीं किया गया है। आरोपी के खिलाफ बछरावां थाने में रिपोर्ट दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है

विवेचना निस्तारण के पर मांगी 35 हजार की रिश्वत, सिपाही गिरफ्तार

वहीं दूसरी ओर शाहजहांपुर में भी बरेली की एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की है। टीम ने रिश्वतखोर सिपाही को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सिपाही ने विवेचना निस्तारण के लिए 35 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन की टीम से कर दी। टीम ने गुरुवार को सिपाही को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। बरेली के रहने वाले युवक ने एंटी करप्शन टीम से यूपी पुलिस के सिपाही की शिकायत की। पीड़ित ने बताया कि एक केस में थाने से विवेचना होनी है। थाने में उसकी एक सिपाही से मुलाकात हुई थी। सिपाही ने इंस्पेक्टर से केस की विवेचना निस्तार कराने के नाम पर रिश्वत मांगी। 35 हजार रुपये में बात फाइनल हुई। पीड़ित की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने सिपाही को रंगे हाथ पकड़ने के लिए योजना बनाई। गुरुवार को बरेली की एंटी करप्शन टीम जैतीपुर स्थित थाने पहुंची। यहां होमगार्ड रूम में सिपाही मौजूद थ। पीड़ित द्वारा सिपाही को रुपये दिए गए। इसी बीच टीम ने सिपाही को दबोच लिया और दूसरे थाने ले गई। थाने में हुई एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा है।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।