काम की बात : यूपी: सर्किल रेट बढ़ाने के लिए पहली बार गलियों की प्रॉपर्टी का भी होगा मूल्यांकन, चौड़ाई से होगा हिसाब
पहले 9 मीटर या इससे चौड़ी सड़कों की संपत्तियों का ही मूल्यांकन होता था। लोगों को इसका नुकसान यह होता था कि 3 मीटर चौड़ी सड़क पर भी प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों को उस इलाके के सर्किल रेट के हिसाब से भुगतान करना होता था। नए मूल्यांकन के बाद सेगमेंट रोड पर सर्किल रेट एक जैसे होंगे।

Kanpur Circle Rate: सर्किल रेट बढ़ाने के लिए पहली बार तीन और छह मीटर चौड़ी गलियों की संपत्तियों का भी मूल्यांकन होगा। अभी तक नौ मीटर या उससे चौड़ी सड़कों की संपत्तियों का ही मूल्यांकन होता था। इससे इतर संपत्तियों का सर्किल रेट क्षेत्र के हिसाब से तय किया जाता था। यूपी के कानपुर में नया मूल्यांकन दो तरीकों से किया जाएगा। पहला रोड सेगमेंट पर स्थित संपत्ति और दूसरा रोड सेगमेंट से इतर संपत्ति आधारित होगा। रोड सेगमेंट आधारित सर्वे से आशय हाईवे किनारे की संपत्तियों और स्पेसिफिक रोड जैसे वीआईपी रोड, मॉल रोड, बिरहाना रोड के मूल्यांकन से है। इससे इतर सर्वे में मानकीकृत सूची को देखा जाएगा। इसमें भवन निर्माण, सबमर्सिबल पंप, बोरवेल, मिश्रित उपयोग के भवन, कृषि फार्म, गलियों की चौड़ाई आदि को देखा जाएगा। इसके आधार पर ही सर्किल रेट तय होंगे। इनका बाकायदा इंडेक्स भी तैयार करके दिया जाएगा।
एक अगस्त से कानपुर में बढ़ा हुआ सर्किल रेट और पूरे प्रदेश में एक सामान्य निर्देश को लागू किया जाना है। इसको लेकर सर्वे चल रहा है। नए सर्वे में तीन मीटर चौड़ी गलियों को भी शामिल किया गया है। पहले नौ मीटर या इससे चौड़ी सड़कों की संपत्तियों का ही मूल्यांकन होता था। इसका नुकसान लोगों को यह होता था कि तीन मीटर चौड़ी सड़क पर भी संपत्ति खरीदने वाले लोगों को उस इलाके के सर्किल रेट के हिसाब से भुगतान करना होता था। नए मूल्यांकन के बाद सेगमेंट रोड पर सर्किल रेट एक जैसे होंगे। अभी यह रेट अलग-अलग हैं। एडीएम फाइनेंस विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि सर्वे चल रहा है।
चौड़ाई के हिसाब से तय होगी दरें
पहले हर जिले के सामान्य निर्देश अलग-अलग होते थे। अब पूरे यूपी में सामान्य निर्देश एक होगा। पहले 9 मीटर, 18 मीटर और इससे चौड़ी सड़क पर सर्किल रेट की दर तय होती थी। अब जमीन की दर 0-3, 3-6, 6-9, 9-12, 12-15, 15-18, 18-30 और 30 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़क पर सर्किल रेट की दरें तय होंगी। ऐसे में कम चौड़ी सड़क वालों ज्यादा सर्किल रेट नहीं देना पड़ेगा। इसी तरह से फ्लैटों की तीन श्रेणी सामान्य, विशिष्ट और अतिविशिष्ट बनाई गई हैं। अतिविशिष्ट श्रेणी में प्रीमियम फ्लैट को रखा जाएगा। गांव व मोहल्लों की श्रेणी बनाई गई है। इसमे नगरीय, अर्द्धनगरीय और ग्रामीण तीन भागों में बांटा गया है।
पहली बार बनेगी सरल मार्गदर्शिका
आम इंसान को जमीन, दुकान, मकान और फ्लैट के सर्किल रेट को समझना और उसकी गणना करना अब कठिन नहीं रह जाएगा। इसके लिए पहली बार सरल मार्गदर्शिका बनाई जा रही है। इसमें आसानी से लोग किसी भी मोहल्ले की विभिन्न सड़कों पर स्थित संपत्तियों की मूल्यांकन सूची देख सकेंगे। मार्गदर्शिका में मूल्यांकन की प्रक्रिया को उदाहरण और गणना सूत्रों से बताया जाएगा। प्रस्तावित मानकीकृत सर्किल रेट के आधार पर इसमें जानकारी होगी। इसकी डिजिटल सुविधा भी देने की तैयारी है।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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