बरसी में गाजर का हलवा खाने पर फूड प्वाइजनिंग, बच्चों समेत 100 से ज्यादा लोगों की हालत बिगड़ी
- अमरोहा जिले में जोया के डिडौली गांव में शुक्रवार शाम बरसी के कार्यक्रम में गाजर का हलवा खाने के बाद महिलाओं और बच्चों समेत 100 से ज्यादा लोगों की हालत बिगड़ गई। पेट में गैस, दर्द, उल्टी-दस्त और चक्कर आने के साथ लोग गश खाकर गिरने लगे।

यूपी के अमरोहा जिले में जोया के डिडौली गांव में शुक्रवार शाम बरसी के कार्यक्रम में गाजर का हलवा खाने के बाद महिलाओं और बच्चों समेत 100 से ज्यादा लोगों की हालत बिगड़ गई। पेट में गैस, दर्द, उल्टी-दस्त और चक्कर आने के साथ लोग गश खाकर गिरने लगे। कई लोग बेहोश भी हो गए। रात में ही गांव पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गाजर के हलवे समेत भोजन का सैंपल लिया। अफसरों ने फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताते हुए लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं परिजनों ने कई लोगों को निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराया।
डिडौली गांव निवासी स्कूल प्रबंधक कुलदीप गुप्ता के पिता की बरसी का कार्यक्रम शुक्रवार दोपहर उनके स्कूल में ही हुआ था। कार्यक्रम में रिश्तेदारों समेत गांव के भी सैकड़ों लोग शामिल हुए। खचाखच भरे पंडाल में शाम को खाने के साथ ही लोगों ने गाजर का हलवा भी खाया। बताते हैं कि गाजर का हलवा खाने के साथ ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। पेट में गैस, तेज दर्द के बाद उल्टी-दस्त और चक्कर आने लगे। पंडाल में अफरातफरी के बीच हालत ज्यादा बिगड़ने पर लोग बच्चों और महिलाओं को लेकर इलाज कराने के लिए दौड़ने लगे। बताया जा रहा है कि गाजर का हलवा खराब दूध और मावे से बना था।
सूचना पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम रात में ही पुलिस संग मौके पर पहुंची। टीम ने गाजर के हलवे समेत बरसी पर बने भोजन का सैंपल लिया। साथ ही लोगों को एंबुलेंसों से जोया सीएचसी और जिला अस्पताल में कराया भर्ती। वहीं फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए कई लोगों को परिजनों ने निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराया। जहां उनका इलाज चल रहा है। अफसरों ने फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताते हुए अस्पतालों में भर्ती सभी मरीजों की हालत खतरे से बाहर बताई है। भोजन के सैंपल जांच के लिए लैब को भिजवाए गए हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय विनय कुमार ने बताया, डिडौली में दुकान से मावा, बर्फी समेत पांच सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। कार्यक्रम में जो खाना बना था, उसके भी सैंपल जांच को भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


