कफ सीरप माफिया विनोद अग्रवाल की 5 संपत्तियां फ्रीज, काली कमाई से खरीदे प्लॉट, खाता भी सीज

Feb 12, 2026 05:13 pm ISTsandeep हिन्दुस्तान, संवाददाता, कानपुर
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कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी मामले में वाराणसी पुलिस ने कानपुर में सरगना विनोद अग्रवाल की पांच संपत्तियां और बैंक खाते में 37 लाख रुपये फ्रीज किए। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई हुई। जांच में करोड़ों की अवैध सप्लाई और फर्जी फर्मों के जरिए तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ।

कफ सीरप माफिया विनोद अग्रवाल की 5 संपत्तियां फ्रीज, काली कमाई से खरीदे प्लॉट, खाता भी सीज

कोडीनयुक्त सीरप हाईप्रोफाइल मामले में वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने गुरुवार को शहर पहुंचकर बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने सरगना विनोद अग्रवाल और उनके परिजन की पांच संपत्तियां फ्रीज की है। जिसमें चार अचल संपत्तियां और आईसीआईसीआई बैंक का एक खाता शामिल है। पुलिस का कहना है कि, यह संपत्तियां विनोद अग्रवाल ने कोडिंग युक्त सीरप की काली कमाई से अर्जित की हैं।

कफ सीरप माफिया की 5 संपत्तियां जब्त

वाराणसी कमिश्नरेट से गुरुवार को एसीपी विदूष सक्सेना सारनाथ थाना फोर्स के साथ शहर पहुंचे। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि सारनाथ में वहां के क्षेत्रीय ड्रग इंस्पेक्टर ने कोडीनयुक्त सीरप मामले में सरगना विनोद अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जबकि कलक्टर गंज थाने में भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सबसे पहले उन्होंने ग्वालटोली थानाक्षेत्र के सिविल लाइन स्थित गोपाल विहार सोसायटी में दो संपत्तियों को फ्रीज किया। मामले में एसीपी ने बताया कि विनोद अग्रवाल उनके बेटे और सपरिजन कोडीनयुक्त सीरप से करोड़ों की काली कमाई कर संपत्तियां अर्जित की थी।

काली कमाई से खरीदे प्लॉट

जिसमें शहर के गोपाल विहार सोसाइटी में दो प्लाट, चकेरी के दहेली सुजानपुर में एक और जाजमऊ में कुल चार अचल संपत्तियां बनाई थी। इसके अलावा बिरहाना रोड स्थित आइसीआइसीआइ बैंक में 37 लाख रुपए जमा है। एसीपी ने बताया बैंक खाता समेत इन सभी पांच संपत्तियों को धारा 68 एफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत फ्रीज किया गया है। जिसके तहत इन सब पत्तियों के बिक्री उपयोग और हस्तांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

विनोद अग्रवाल दूसरी कंपनी का माल खरीदकर शुभम के गिरोह में शामिल फर्मों के जरिये अपनी सिरप खपा रहा था। कानपुर नगर के पटकापुर निवासी विनोद अग्रवाल लेबोरेट फार्मासुटिकल्स इंडिया लि. कंपनी से एस्कफ डीएक्स नाम की कफ सिरप खरीदकर सप्लाई करता था। जब शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद की फर्म शैली ट्रेडर्स के जरिये एबॉट कंपनी के फैंसीडील सिरप की तस्करी सामने आई तो ड्रग विभाग ने अन्य कंपनियों की छानबीन शुरू की, तब कानुपर में विनोद अग्रवाल के सिंडिकेट का पता चला।

21 फर्मों के जरिए करोड़ों का माल सप्लाई किया

विनोद अग्रवाल के खिलाफ कानपुर के कलक्टरगंज में मुकदमा है। जांच में सामने आया कि 21 फर्म के जरिये उसने करोड़ों के माल सप्लाई की थी। इधर सारनाथ थाने में बीते 27 अगस्त को तीसरियां परशुरामपुर (सारनाथ) स्थित पीडी फार्मा पर केस दर्ज हुआ था। जांच में सामने आया कि पीडी फर्मा में शुभम के सिंडीकेट से जुड़ी फर्मों के अलावा विनोद अग्रवाल के नेक्सस से जुड़ी फर्म से एस्कफ डीएक्स कफ सिरप की तस्करी हुई थी। शुरुआत में केवल प्रयागराज के फैजुलरहमान की एमके हेल्थकेयर फर्म से ही एस्कफ डीएक्स कफ सिरप की तस्करी सामने आई थी।

कागजों पर सप्लाई दिखाकर तस्करी का खेल

जब एमके हेल्थकेयर फर्म की छानबीन शुरू हुई तो पुलिस पहले से गिरफ्तार कानपुर के विनोद अग्रवाल तक पहुंची। सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि अबतक की छानबीन में सामने आया है कि शुभम की तरह विनोद अग्रवाल दूसरी कंपनी की कफ सिरप सीधे खरीदकर कागजों पर सप्लाई दिखाकर तस्करी करता था। शुभम और विनोद दोनों का तौर-तरीका एक है। कई ऐसी बोगस फर्म हैं, जिसके जरिये दोनों ने सिरप की फर्जी तरीके से सप्लाई कराई। मेरठ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी के विभिन्न फर्म इसमें शामिल हैं।

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