यूपी में फ्री बिजली योजना से बाहर हो गए पांच लाख किसान, कहीं आपका तो नहीं है नाम?

Feb 16, 2026 09:20 pm ISTDinesh Rathour लखनऊ, विशेष संवाददाता
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निजी नलकूप कनेक्शन धारकों को मुफ्त बिजली दिए जाने की योजना चल रही है। तकरीबन दो साल से चल रही इस योजना से अब भी पांच लाख किसान बाहर हैं। योजना शुरू होने से पहले प्रदेश में निजी नलकूप कनेक्शनधारकों की संख्या 15.64 लाख थी।

यूपी में फ्री बिजली योजना से बाहर हो गए पांच लाख किसान, कहीं आपका तो नहीं है नाम?

यूपी में निजी नलकूप कनेक्शन धारकों को मुफ्त बिजली दिए जाने की योजना चल रही है। तकरीबन दो साल से चल रही इस योजना से अब भी पांच लाख किसान बाहर हैं। योजना शुरू होने से पहले प्रदेश में निजी नलकूप कनेक्शनधारकों की संख्या 15.64 लाख थी। वहीं, मुफ्त बिजली योजना में 10.58 लाख किसान ही पंजीकृत हैं।

एक अप्रैल 2023 से निजी नलकूप (कृषि) उपभोक्ताओं को 140 यूनिट प्रति किलोवॉट प्रतिमाह निशुल्क बिजली उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया था। योजना का लाभ पाने के लिए कनेक्शन धारक को 31 मार्च 2023 तक के बिजली बिलों का पूर्ण भुगतान और मीटर की स्थापना अनिवार्य शर्त रखी गई थी। वहीं, 31 जनवरी 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में निजी नलकूपों के लगभग 15.64 लाख विद्युत कनेक्शन हैं। हालांकि, इस योजना में अब तक केवल 10.58 लाख किसान ही पंजीकृत होकर योजना का लाभ ले रहे हैं। तकरीबन 5.10 लाख किसान अब भी योजना से वंचित हैं।

नियमों की समीक्षा की जानी चाहिए

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने योजना के नियम और शर्तों की समीक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब सरकार किसानों को मुफ्त बिजली दे रही तब भी अगर पांच लाख से ज्यादा किसान इसका लाभ नहीं ले रहे तो यह आश्चर्यजनक है। ऐसा क्यों हो रहा है, इसकी तह तक सरकार और पावर कॉरपोरेशन दोनों को जाना चाहिए। उन्होंने योजना की शर्त को व्यावहारिक बनाने और जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाकर वंचित किसानों की समस्याओं की पहचान करनी चाहिए।

5,549 करोड़ रुपये बकाया

योजना से बचे हुए पांच लाख से ज्यादा किसानों पर 5,549 करोड़ रुपये बिजली बिल बकाया है। अवधेश कुमार वर्मा के मुताबिक इसमें से काफी लोगों के बिल गलत हैं। कई किसानों के बिलों में काल्पनिक बकाया लिखा है। बकाया रकम की यह राशि भी बड़ी और चिंताजनक है। वहीं, गलत बिल की वजह से भी काफी किसान योजना में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।

क्या है निजी नलकूप कनेक्शन योजना

यूपी सरकार द्वारा निजी नलकूप कनेक्शन धारक किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल में 100% की छूट (मुफ्त बिजली) दी जा रही है। इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, लागत कम करना और किसानों को राहत प्रदान करना है। इस योजना में किसानों को 100% सब्सिडी, नलकूप कनेक्शन के बिजली बिल पर शत-प्रतिशत की छूट दी जा रही है। सिंचाई के लिए निर्बाध और सस्ती बिजली सुनिश्चित कर खेती को आसान बनाना इस योजना का उद्देश्य है।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

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