न हाथ कांपे न मन, पहले प्रेमिका को मारा फिर उसके बेटे की ली जान, छोटी सी मोहब्बत का खौफनाक अंत

Apr 09, 2026 04:29 pm ISTDinesh Rathour झांसी
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यूपी के झांसी में पिछले साल हुए डबल मर्डर का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने उसके हत्यारे को भी गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारे ने पुलिस को बताया कि जिस महिला को उसने मारा उससे प्रेम-प्रसंग था। 

न हाथ कांपे न मन, पहले प्रेमिका को मारा फिर उसके बेटे की ली जान, छोटी सी मोहब्बत का खौफनाक अंत

Jhansi News: झांसी में पिछले साल हुए डबल मर्डर मामले में एक-एक कर चौंकाने वाली बातें निकलकर सामने आ रही हैं। लहचूरा थाना क्षेत्र के गांव बरौटा में बीती 5 अप्रैल को सिर कुचली महिला की लाश और एक खेत में मासूम के जले मिले अवशेष से परदा उठा तो रूंहें कांप गई थी। हत्यारे ने प्रेमिका और उसके बेटे को बड़ी ही बेरहमी से मौत के घाट उतारा था। छोटी सी मोहब्बत के खौफनाक अंत के बारे में जिस किसी को पता लगा उसी के रोंगहटे खड़े हो गए। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात पुलिस ने डबल मर्डर के हत्यारे पूर्व प्रधान के भाई चतुर्भुज को मुठभेड़ में धर-दबोच लिया है।

बकौल पुलिस, अपने पति के पास जाने की जिद पर हुए विवाद में पहले गुजरात की रहने वाली प्रेमिका नीलू की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या की। जागने पर उसके 3 साल के बेटे कृष्णा को भी मौत के घाट उतार दिया। यही नहीं हत्यारा चतुर्भुज उर्फ दीपक दो दोनों शवों के साथ रहा। फिर अंधेरी रात में पहचान मिटाकर पहले नीलू का सिर कुचलकर सड़क किनारे फेंका। फिर बाइक से मासूम बच्चे की लाश लेकर एक खेत में भूसे के ढेर में गाड़कर जला दिया।

मुठभेड़ में गुस्सैल हत्यारा दबोचा

एसपी (ग्रामीण) डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि हत्याकांड के बाद हत्यारे की तलाश तेज कर दी गई। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात मुखबिर की सटीक सूचना पर थाना प्रभारी सरिता मिश्रा, एसओजी प्रभारी जितेंद्र तक्खर पुलिस बल संग बरौटा रोड पर पहुंचे। जहां से आते बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में चतुर्भुज उर्फ दीपक पटेल को धर-दबोचा। पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। उसके पास से तमंचा, कारतूस, दो मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य बरामद किए हैं।

ये था मामला

गुजरी 05 जुलाई को गांव बरौटा में अज्ञात महिला का सिर कुचला शव मिला। प्रधान रामप्रसाद वर्मा की सूचना पर पुलिस ने पहचान की कोशिशें की। फिर गांव में रामस्वरूप के भूसे के ढेर में मानव बच्चे की हड़ियां जली मिली। इसकी सूचना चौकीदार प्रेमनारायण ने पुलिस को दी। वहीं पुलिस ने उपनिरीक्षक कैलाशचंद्र की तहरीर पर मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

मिशन शक्ति रजिस्टर के पेज 37 ने हत्यारे तक पहुंचाया

दो हत्याओं के बाद थाना प्रभारी सरिता मिश्रा ने गांव की महिलाओं बातचीत की। पर, कोई भी कोई मां-बेटे की पहचान नहीं कर सका। तब उन्होंने मिशन शक्ति के रजिस्टर में शिकायत को आई महिलाओं से बातचीत की। तभी पेज नंबर 37 में बरौटा की हेमलता पत्नी चतुर्भुज पटेल से बात की तो राज खुल गया।

ठनका पुलिस का माथा

पुलिस को फोन पर हेमलता ने बताया कि वह दिल्ली में काम करती है और अपने पति चतुर्भुज के साथ नहीं रहती। पति कुछ समय से गुजरात की एक महिला और उसके बच्चे के साथ गांव आया हुआ है। उसने उनके बीच भी अनबन बात कही। बस, यहीं से पुलिस का माथा ठनका। पुलिस ने चतुर्भुज के बारे में पता किया वह फरार था। ग्रामीणों से बातचीत की तो पता चला कि हां चतुर्भुज एक महिला और बच्चे के साथ देखा गया। जब वह भी गायब तो शक गहरा गया।

न कलेजा कांपा न पसीजा मन

करीब छह महीने पहले नीलू देवी बेटी शिवप्रसाद सिंह निवासी बलसाड (गुजरात) के संबंध छह महीने पहले बरौटा निवासी चतुर्भुज पटेल से हुए थे। वह उसे व उसके बेटे कृष्णा को गुड़गांव से लाया। पहले झांसी में एक किराए के मकान में रखा। 02 अप्रैल को गांव आया। नीलू पति के पास जाने की कहने लगी तो टाल दिया। उसके बेटे का भी कत्ल कर दिया। मात्र छह महीने की मुहब्बत में न हत्यारे का मन नहीं पसीजा। बाद में जब गांव में मां-बेटे के शवों की गुत्थी सुलझी तो लोगों का कलेजा कांप उठा।

Dinesh Rathour

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Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

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