नए साल के पहले दिन डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मरीजों को दी सौगात, 64 अस्पतालों में होगा यह काम
नए साल के पहले दिन डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मरीजों को सौगात दी। 64 सामुदायिक अस्पतालों पर डिजिटल एक्सरे मशीनें लगाई जाएंगी। इसके जरिये रोगियों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने नए वर्ष के पहले दिन मरीजों को सौगात दी है। उन्होंने घोषणा की है कि प्रदेश के 64 सामुदायिक अस्पतालों पर डिजिटल एक्सरे मशीनें लगाई जाएंगी। इसके जरिये रोगियों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि डिजिटल एक्सरे मशीनों की स्थापना के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इस योजना के तहत अलीगढ़ के तीन, आजमगढ़ के चार, इटावा के चार, कन्नौज के दो सीएचसी पर डिजिटल एक्सरे मशीनें लगाई जाएंगी।
इसके अलावा कानपुर नगर में तीन, लखनऊ में 16, मऊ में चार, मुरादाबाद के दो, रायबरेली के पांच, सम्भल के तीन सीएचसी और सोनभद्र के दो, सुल्तानपुर के चार सीएचसी पर डिजिटल एक्सरे मशीनें लगाई जाएंगी। इसी तरह देवरिया, रामपुर, प्रयागराज, पीलीभीत, मेरठ, महराजगंज, महोबा, कौशाम्बी, हरदोई, बस्ती, बरेली एवं बलिया के एक-एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई जाएंगी। ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
ये होंगे लाभ
-तेज़ और सटीक परिणाम: डिजिटल एक्सरे मशीनें तेजी से और सटीक परिणाम देती हैं, जिससे डॉक्टरों को जल्दी से जल्दी इलाज शुरू करने में मदद मिलती है।
-रसायन फ्री: डिजिटल एक्सरे में कैमिकल्स का उपयोग नहीं होता, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता।
-साफ इमेज:-डिजिटल एक्सरे की छवियों को कंप्यूटर पर स्टोर किया जा सकता है, जिससे उन्हें आसानी से एक्सेस और शेयर किया जा सकता है।
-सटीक रिपोर्ट:-डिजिटल एक्सरे की छवियों को कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद से सुधार किया जा सकता है, जिससे अधिक सटीक निदान किया जा सकता है।
स्वास्थ्य के लिए कम हानिकारक:-डिजिटल एक्सरे मशीनें पारंपरिक एक्सरे मशीनों की तुलना में कम विकिरण का उपयोग करती हैं, जिससे स्वास्थ्य के लिए कम हानिकारक होती हैं।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
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