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120 तरह की ट्रेड में अपना रोजगार पसंद कर सकेंगे युवा

जिले के बेरोजगार युवा 120 तरह की ट्रेड में अपना रोजगार पसंद कर सकेंगे। उद्योग विभाग ने स्वरोजगार इकाइयों की स्थापना को ट्रेड का निर्धारण कर दिया है। जिसके तहत चयनित लाभार्थियों को स्वरोजगार स्थापित करने को बैंक लोन उपलब्ध कराया जाएगा।

शासन से मिले लक्ष्य के अनुरूप विविध रोजगार योजनाओं के तहत उद्योग क्षेत्र व सर्विस सेक्टर की 216 स्वरोजगार इकाइयां स्थापित की जानी हैं। जिसमें मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 154 एवं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 62 इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

इन दोनों योजनाओं के तहत उद्योग क्षेत्र की इकाई के लिए

चयनित लाभार्थी को अधिकतम 25 लाख और सर्विस सेक्टर की इकाई के लिए 10 लाख रुपये तक बैंक लोन मुहैया कराया जाएगा। चयनित लाभार्थी को स्वीकृत प्रोजक्ट पर पीएमईजीपी स्कीम के तहत 15 से 35 फीसदी तक सब्सिडी दिलाई जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तरह स्वीकृत प्रोजक्ट पर 25 प्रतिशत सब्सिडी लाभार्थी को दी जाएगी। उद्योग विभाग ने लाभार्थियों की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। पीएमईजीपी स्कीम के तहत विभाग ने ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। वहीं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत जिला उद्योग केंद्र कार्यालय से निशुल्क आवेदन फार्म बांटे जा रहे हैं।

विभाग ने इकाई लगाने के लिए निर्धारित की ये ट्रेड

प्रधानमंत्री रोजगार कार्यक्रम एवं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत इकाई लगाने के लिए उद्योग विभाग ने 120 ट्रेड निर्धारित कर दी हैं। इसके तहत बेरोजगार अपनी पसंद की ट्रेड में इकाई लगाने को बैंक लोन के लिए आवेदन कर सकेंगे। जिसमें उद्योग व सेवा क्षेत्र में ग्लास डेकोरेशन, ग्लास वीडस कटिंग, चूड़ी डेकोरेशन, चूड़ी कटाई, चूड़ी जुड़ाई, चूड़ी बॉक्स बनाना, केरोगेटेड बॉक्स बनाना, प्रिटिंग प्रेस, आफसेट प्रिटिंग प्रेस, लोहे के जाली, जंगला निर्माण, खाद्य तेल एवं खली, दोना-पत्तल बनाना, साबुन उद्योग, रेडीमेड गारमेंट बनाना, बुटीक कार्य, आइस क्रीम एवं कैंडी बनाना, सीमेंट ब्रिक्स बनाना, ब्रिक्स बनाना, आटा चक्की, मसाला पिसाई, खोया-घी-पनीर बनाना, फाइल कवर बनाना, कैटिल फीड, लेटर के जूता चप्पल बनाना, दलिया बनाना, मेहंदी उत्पादन, बिंदी बनाना, बैटरी बनाना, इनर्वटर बनाना, स्टेब्लाइजर बनाना, लकड़ी फर्नीचर, स्टील फर्नीचर, अगरबत्ती बनाना, आर्टिफिशियल ज्वैलरी बनाना, ब्रेकरी उद्योग, कंप्यूटर एसेंबलिंग, कम्यूटर सेंटर, टेंट हाउस, राइस प्लांट, पोटेटो चिप्स बनाना, रेस्टोरेंट, मोटर वार्इंडिंग, कृषि यंत्र बनाना, वर्मी कंपोस्ट, दालमोंठ बनाना, कागज के डिब्बे बनाना, मूर्ति बनाना, प्लास्टिक के खिलौने बनाना, आरओ वाटर, कापी निर्माण, चेन बनाना, हेयर कटिंग सैलून, ब्यूटी पार्लर, मोटर साइकिल एवं स्कूटर रिपेयरिंग, सर्विस स्टेशन, गम टेप बनाना, एक्सरे सेंटर, पैथोलॉजी, रेग्जीन बैग, कांच के खिलौने, ड्राई क्लीनिक, मुहर बनाना, प्लाटर ऑफ पेरिस के खिलौने, सीमेंट पाइप, सीमेंट के जाली- गमले- नांद बनाना, मिट्टी के खिलौने बनाना, मिट्टी के कुल्हड़ बनाना, चिलिंग प्लांट, दाल प्रशोधन, मोबाइल रिपेयरिंग, टीवी रिपेयरिंग, फोटो स्टूडियो, फोटो स्टेट, जूट के बोरा बनाना, औषधि निर्माण, गोंद बनाना, कूलर बॉडी बनाना, टीन के बक्से बनाना, छाता बनाना, संगीत साज निर्माण, कला फलक चित्रकारी, साइकिल मरम्मत व एसेंबलिंग, डलिया बनाना, मिठाई बनाना, धूप बत्ती बनाना, रजिस्टर बनाना, तारकशी उद्योग, कैरी बैग बनाना, वाहन रिपेयरिंग सेंटर, सेनेटरी नेपकिन बनाना, बूरा बताशा बनाना, मोमबत्ती बनाना, पत्थर सिल बनाना, पत्थर घिसाई, पत्थर की मूर्ति बनाना, आयरन पेच निर्माण, पेपर बेट बनाना, जिम सेंटर, सटरिंग, कटीला तार बनाना, सुपाड़ी कटाई, शौकर रिपेयरिंग, एलईडी निर्माण, विद्युत बल्ब बनाना, मोती बनाना, मूर्ति बनाना, सीमेंट टाइल्स बनाना आदि इकाइयां शामिल हैं।

अतिरिक्त ट्रेड का विकल्प भी खुला रखा

उद्योग विभाग ने उद्योग और सेवा क्षेत्र के ट्रेड निर्धारण करते हुए अन्य ट्रेड का विकल्प खुला रखा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित सूची के अलावा अन्य सभी उद्योग व सेवा कार्य जो क्षेत्र में चल सकते हों लेकिन प्रतिबंधित न हों, उन्हें भी स्थापित किया जा सकता है।

बोले उपायुक्त उद्योग

- स्वरोजगार इकाई लगाने को उद्योग व सेवा क्षेत्र की ट्रेड निर्धारित कर दी गई हैं। इनमें से बेरोजगार युवा अपनी पसंद की इकाई लगाने को बैंक लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। ट्रेड निर्धारण आवेदकों की सहूलियत के लिए किया है।

- अमरेश कुमार पांडेय, उपायुक्त उद्योग।

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  • Web Title:Youths will be able to like their employment in 120 trade