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28 मार्च, 2020|12:32|IST

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कारखानों में काम नहीं निकल आए गलियों में

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कारखानों में कांच का काम करने वाले मजदूर अब घरों पर खाली नहीं बैठ पा रहे हैं। इसके चलते वे कोरोना के फैलाव के बारे में कोई जानकारी नहीं होने के चलते गलियों में रोजाना बैठ जाते हैं।

लोगों में अभी भी कोरोना को लेकर जागरूकता का अभाव है। उनको नहीं पता कि यह 21 दिन का लॉक डाउन और आगे बढ़ सकता है और इसकी समस्या से वे खुद भी प्रभावित होंगे जो इन दिनों नियमों का पालन करने में कोताही बरत रहे हैं। युवा वर्ग जहां मौका मिलते ही मार्गों पर घूमने लगता है तो कारखानों में काम करने वाली लेवर गलियों में बैठकर चर्चाएं शुरू कर देती है। पुलिस का सायरन बजते ही वे भागकर घरों में छिप जाते हैं और जाते ही फिर अपनी महफिल जमाकर बैठ जाते हैं। इस संदर्भ में डीएम चंद्रविजय सिंह का कहना है कि लोग इस लॉक डाउन का पूरी तरह पालन करें ताकि समय सीमा में इस बीमारी पर काबू पाया जा सके। अन्यथा लोगों को आगे भी इस लॉक डाउन का सामना करना पड़ सकता है।

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  • Web Title:Work in factories did not work in the streets