बोले फिरोजाबाद: बदहाल मार्ग ने चौपट किया व्यापार
Firozabad News - फिरोजाबाद के वार्ड नंबर 34 में जलभराव की समस्या से स्थानीय व्यापारियों और निवासियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो सालों से जलभराव के कारण दुकानदारों की कमाई प्रभावित हुई है, और कई दुकानें बंद हो गई हैं। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से इस समस्या के समाधान की मांग की है।

फिरोजाबाद। कोटला रोड से गुजरते ही वार्ड नंबर 34 शुरू हो जाता है। इस वार्ड में 15 हजार से अधिक आबादी रहती है। करीब पांच हजार मतदाता हैं। टापाखुर्द चौराहा से खैरगढ़ और सांती के लिए गया मार्ग भी इसी वार्ड से होकर गुजर रहा है। जिस पर प्रत्येक दिन दर्जनों की संख्या में राहगीर आवागमन करते हैं। साथ ही एक सैकड़ा से अधिक घर और दुकानें इस मार्ग के दोनों ओर बने हुए हैं। स्थानीय लोग गिट्टी, बालू, सीमेंट, परचून, बाइक रिपेयरिंग सेंटर सहित अन्य कारोबार करते हैं। गलियों और नालियों का पानी दोनों ओर बने छोटे नालों से होकर गुजरता है, लेकिन चौराहा से आगे पानी निकासी का इंतजाम नहीं है।
परिणाम स्वरूप पिछले दो साल से पानी उफनकर सड़क से होते हुए दुकानों और घरों के सामने भरा है। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर व्यापार शुरू किया था, लेकिन जलभराव ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। सुबह से देर शाम तक दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। खरीदारी नहीं होने से व्यापार चौपट हो गए हैं। एक दर्जन से अधिक दुकानें तो बंद हो गई हैं। लाखों रुपये खर्च कर घर और दुकानों का निर्माण कराया था, लेकिन हर समय जलभराव रहने से सीलन आ गई है। बारिश के मौसम में गंदगीयुक्त पानी से गुजरने से पैरों में खुजली की समस्या हो जाती है। त्वचा रोग विशेषज्ञ से इलाज करने के बाद ही ठीक हो पाती है। मच्छरों से दिन का चैन और रात की नींद उड़ी हुई है। नगर निगम द्वारा समय-समय पर बोर्ड की बैठक का आयोजन किया जाता है। जिसमें चुनिंदा पार्षदों के प्रस्तावों पर मुहर लगा दी जाती है, जबकि हकीकत में जहां विकास की आवश्यकता है, उस क्षेत्र के पार्षदों को ठेंगा दिखा दिया जाता है। टेडरों को भी मैनेज कर सरकारी धनराशि का बंदरबांट कर लिया है। इस मनमानी पर अंकुश लगना चाहिए। - राजकुमारी हम सभी लोगों की शासन और जिला प्रशासन से मांग है कि नगर निगम द्वारा अब तक कराए गए विकास कार्यों की उच्चाधिकारियों से जांच करानी चाहिए। साथ ही निर्माण कार्यों की तकनीकी समिति का गठन कर नमूना संकलित करते हुए प्रयोगशाला में जांच कराई जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। - पृथ्वी सिंह यह मार्ग सांती और खैरगढ़ को जोड़ता है। जिस पर 30 गांवों के लोग शहर के लिए आते-जाते हैं। शहर के श्रद्धालु सांती स्थित श्री सांतेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने के लिए जाते हैं। इतने महत्वपूर्ण मार्ग की जलभराव ने दुर्दशा कर दी है। इस पर न तो निगम के अधिकारी गंभीरता दिखा रहे और न जिला प्रशासन इंतजाम कर सका है। - भानु प्रताप गंदगीयुक्त जलभराव और कीचड़युक्त गलियों में हुए जलभराव में मच्छर पनप रहे हैं। जो न तो दिन में चैन लेने देते हैं और न रात को सोने देते हैं। इसलिए जिला प्रशासन से हम सभी लोगों की मांग है कि यहां नियमित रूप से सफाई कराकर फागिंग कराई जाए। ताकि इस क्षेत्र में संक्रामक रोग नहीं फैल सके और लोग सुरक्षित रह सकें। - सुरेंद्र राजपूत वार्ड 34 के लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर घर और दुकानों का निर्माण कराया है। नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही से इनमें सीलन आने लगी है। इसलिए महिलाओं, पुरुष, बच्चों, युवाओं व बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द जलभराव की निकासी का इंतजाम कराया जाए, ताकि सभी को राहत मिल सके। - प्रभुदयाल शासन से लेकर जिला प्रशासन संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत शहरों, कस्बों से लेकर गांव-गांव सफाई कराता है। लेकिन हमारे वार्ड में न तो नियमित रूप से सफाई होती है और न पानी निकासी कराने के लिए कोई गंभीरता दिखाता है। ऐसा लगता है कि विकास की कार्ययोजना सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गई हैं। - विद्याराम नगर पालिका को भले ही नगर निगम का दर्जा मिल गया हो, लेकिन आज भी विकास से अधिकांश वार्ड अछूते हैं। वार्ड 34 की जनता पिछले दो साल से जलभराव की समस्या से जूझ रही है। कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी है। जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा निस्तारण कराना तो दूर निरीक्षण करने तक की जहमत नहीं उठाई है। - संत कुमार पार्षद के माध्यम से कार्य योजना बनाकर समुचित विकास कराया जाए। टापाखुर्द चौराहा से आगे नालों का निर्माण कर पानी निकासी का इंतजाम किया जाए। नाले नालियों की नियमित रूप से सफाई करने के लिए कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। अधिकारियों को प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत का निस्तारण करना चाहिए। - ममता वार्ड 34 में पांच हजार से अधिक मतदाता है। सभी मतदाता महापौर और पार्षदों के चुनावों में बढ़चढ़कर मतदान भी करते हैं। इसके बाद भी इतनी अनदेखी की जा रही है। हमारी जिम्मेदारों से मांग है कि नाले-नालियों की सफाई कराते हुए फागिंग का छिड़काव कराया जाए। साथ ही जलभराव की समस्या से छुटकारा दिलाया जाए। - जागेश स्थानीय लोग गिट्टी, बालू, सीमेंट, परचून, बाइक रिपेयरिंग सेंटर सहित अन्य कारोबार करते हैं। गलियों और नालियों का पानी दोनों ओर बने छोटे नालों से होकर गुजरता है, लेकिन चौराहा से आगे पानी निकासी का इंतजाम नहीं है। परिणाम स्वरूप पिछले दो साल से पानी उफनकर सड़क से होते हुए दुकानों और घरों के सामने भरा है। - सुमित

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