Hindi NewsUttar-pradesh NewsFirozabad NewsWater Crisis in Narakhi Villagers Depend on Old Tank Amidst Lack of Pipelines
बोले फिरोजाबाद: पानी भरते-भरते बीत रही जिंदगी

बोले फिरोजाबाद: पानी भरते-भरते बीत रही जिंदगी

संक्षेप:

Firozabad News - नारखी के बड़ा मोहल्ला में पानी की गंभीर समस्या है। लोग पानी भरने के लिए पुराने टंकी पर लाइन लगाते हैं। महिलाएं सुबह से लेकर शाम तक पानी लाने में व्यस्त रहती हैं। नालियों की सफाई नहीं होने से गंदगी और दुर्गंध बनी रहती है। क्षेत्रीय लोग अधिकारियों से पानी की व्यवस्था और सफाई की मांग कर रहे हैं।

Dec 12, 2025 11:56 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फिरोजाबाद
share Share
Follow Us on

कई गांवों में आज भी पाइप लाइन से घर तक पानी पहुंचना ख्वाब बना हुआ है। कहीं पर प्राइवेट सबमर्सिबल के भरोसे लोगों की जरूरत है तो दूसरी तरफ कहीं पर सरकारी नलकूप के भरोसे हैं, लेकिन यहां भी पानी के लिए सालों पुरानी टंकी पर ही निर्भर हैं। महिलाओं की सुबह होती है तो पानी भरने के लिए वह खाली बर्तन लेकर दौड़ पड़ती हैं तो दोपहर में भी टंकी पर जाना पड़ता है। नारखी के बड़ा मोहल्ला में भी लोग इसी समस्या से जझ रहे हैं। यहां पर टंकी पर पानी भरने के लिए हर वक्त लाइन लगी रहती है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

क्षेत्रीयजनों का कहना है कि आखिर यूं रोज पानी भरकर लाने के झंझट से कब मुक्ति मिलेगी तथा कब घर में पहुंचेगा पानी। नारखी के बड़ा मोहल्ला में पानी के लिए टंकी पर हर वक्त लाइन लगी रहती है। कई बार पानी भरने को लेकर लोगों में कहा-सुनी भी हो जाती है। हिन्दुस्तान ने बोले फिरोजाबाद के तहत जब बड़ा मोहल्ला में पानी की टंकी पर पानी भरने आए महिला पुरुषों से संवाद किया तो लोगों का कहना था कि पानी भरने के लिए इस टंकी पर ही आना पड़ता है। महिलाएं गुस्से में कहती हैं कि क्या हमारी जिंदगी यूं ही सुबह से शाम तक पानी भरते हुए गुजरेगी। कई बुजुर्ग महिलाओं का कहना था कि सालों बीत गए। लगता है पूरी जिंदगी इस तरह पानी भरते-भरते ही कटेगी। सुबह होती है तो घर के काम करने के लिए पानी भरने निकल पड़ते हैं। कई बार तो सुबह से ही लाइन लग जाती है तो यहां पर भी लाइन में लगना पड़ता है। साइकिल पर बाल्टियां लेकर पानी भरने आए लोगों का कहना था कि घर दूर है। अब हर रोज इतनी दूर पानी से भरी कितनी बाल्टी उठाकर ले जाएं। इसलिए साइकिल पर ही पानी भरने आते हैं। क्षेत्र के लोग नालियों में भरी गंदी दिखाते हुए कहते हैं कि नालियों की सफाई भी नहीं होती है। नालियों में हर वक्त गंदगी रहती है। इससे दुर्गंध आती है, लेकिन इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है। लोगों की मांग थी कि कम से कम पानी की समस्या का तो निदान कर दें। जर्जर टंकी की नहीं कराई गईमरम्मत, हो सकता है हादसा बड़ा मोहल्ला में घुसते ही जिस टंकी से एक बड़ी आबादी पानी भरती है। वो टंकी भी सालों पुरानी हो गई है। कई जगह से यह टंकी चटकी हुई भी दिखाई देती है, लेकिन इसके बाद भी इस टंकी के नीचे हर वक्त खाली बर्तनों के साथ महिला, पुरुषों एवं बच्चों की लाइन लगी रहती है। कोई पानी भर रहा होता है तो किसी को अपनी बारी आने का इंतजार। महिलाएं कहती हैं टंकी पूरी तरह फटी रखी है, कभी भी टूट सकती है, लेकिन इसके बाद भी हमें तो यहां से पानी भरना ही है। बगैर पानी के तो कोई काम भी नहीं हो सकता है। नई टंकी की बात छोड़िए, अधिकारी इस पुरानी टंकी की मरम्मत का कार्य भी नहीं करा रहे हैं। ब्लॉक के अधिकारियों को हादसे का इंतजार है। यहां हैं ऐसे हालात तो ब्लॉक में कैसी होगी साफ सफाई नारखी के बड़ा मोहल्ला में पहुंचने पर नालियां सफाई की हकीकत बयां करती हैं। नालियों में कीचड़ एवं कचरा जमा है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह क्षेत्र ब्लॉक मुख्यालय से ज्यादा दूरी पर नहीं है। स्वच्छता की बात करने वाले ब्लॉक के अधिकारियों एवं सचिवों को जब निकट ही स्थित क्षेत्र में गंदगी दिखाई नहीं देती है। वह यहां पर भी नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं कर सकते हैं तो आखिर ब्लॉक के अन्य गांवों में क्या निगरानी रखते होंगे। गांवों में संचारी रोग नियंत्रण के लिए चलने वाले अभियान भी इसी वजह से फेल होते हैं, क्योंकि ब्लॉक स्तरीय अधिकारी सफाई के प्रति गंभीर नहीं हैं। गांव की तरफ जाने वाली सड़क पर भी दोनों तरफ बिखरा पड़ा कचरा सवाल खड़े करता है कि क्या ओडीएफ प्लस के तहत यहां पर आरसीसी सेंटर नहीं बना। अगर बना है तो फिर उसका प्रयोग क्यों नहीं हो रहा। बोले स्थानीय लोग हमारे मोहल्ले में पानी का बड़ा संकट है। लोगों को पानी भरने के लिए इस टंकी पर आना पड़ता है तथा यहां पर भी काफी लंबी लाइन लगी रहती है। पहले कुएं पर लाइन लगाते थे, लेकिन अब सभी जगह विकास हो रहा है, लेकिन घर तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं है। - धीरी सिंह सरकार गांवों में हर घर तक जल योजना की बात कर रही है, लेकिन हम तो ब्लॉक के पास रहते हैं। ब्लॉक मुख्यालय भी नारखी में है, लेकिन इसके बाद भी पीने के पानी के लिए सुबह से लाइन में लगना पड़ता है। आखिर कब क्षेत्र में पानी भरने की समस्या खत्म होगी। - सूरज गौतम गांव में नालियों की भी नियमित सफाई नहीं होती है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हर वक्त गंदगी रहती है। नालियों का गंदा पानी रास्तों पर बहता है। पीने के पानी के लिए भी सुबह से टंकी पर लाइनें लगी रहती हैं। - राकेश बाबू सरकार को कम से कम पाइप लाइन बिछवा कर घरों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। गांव की महिलाओं को पानी भरने के लिए इस टंकी पर आना पड़ता है तो कई लोग सुबह काम पर जाने से पहले साइकिलों पर पानी भरने आते हैं। - भरत सिंह पानी की टंकी भी काफी जर्जर हालत में है। जगह-जगह से चटकी हुई है। इससे हर वक्त हादसे का खतरा रहता है, लेकिन इसके बाद भी पानी तो लेना ही है, लिहाजा लोग इस टंकी के नीचे से ही पानी भरते हैं। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। - सतीश चंद्र यहां पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पानी भरने के लिए भी दौड़ लगानी पड़ती है। घर की महिलाओं को पानी के लिए टंकी पर लाइन में लगना पड़ता है। जिसमें काफी समय खराब होता है। पानी भरकर ले जाने में भी परेशानी होती है। - विजय सिंह इस गली में स्ट्रीट लाइट भी नहीं है। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शाम को अंधेरे में निकलते वक्त परेशानी होती है। कई बार अंधेरे के कारण बुजुर्ग और महिलाएं गिरकर घायल हो चुके हैं। सफाई न होने से नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। - धनपाल कम से कम पानी की व्यवस्था तो ब्लॉक के अधिकारियों को करनी चाहिए। यहां पर पानी के लिए भी महिला पुरुषों को लाइन में लगना पड़ता है तो नालियों की सफाई न होने से दुर्गंध रहती है। अधिकारियों को यहां आकर हमारी परेशानी देखनी चाहिए। - वीरेंद्र