
बोले फिरोजाबाद: गली में बहता घरों का पानी नरक बन रही है जिंदगानी
Firozabad News - फिरोजाबाद के गांव नगला सौंठ में सफाई की स्थिति बेहद खराब है। गांव में नालियों का निर्माण नहीं हुआ है, जिससे गंदगी और पानी भरने की समस्या बढ़ गई है। ग्रामीणों ने विधायक से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वे सफाई कर्मचारियों की अनुपस्थिति और गंदगी से बीमारियों के बढ़ने की चिंता कर रहे हैं।
फिरोजाबाद। ओडीएफ प्लस के तहत जहां सरकार की मंशा सफाई पर है। गांव के बाहर स्थित घरों का पानी भी शॉकपिट बनाया जा रहा है, लेकिन इस सबके बीच में ऐसे भी प्रधान हैं, जो गांव में नालियां भी नहीं बनवा पा रहे हैं। विकास के नाम पर काफी धनराशि खर्च होने के बाद भी कई घरों के बाहर प्लॉट में पानी भरा हुआ है तो गांव में हर तरफ गंदगी दिखाई देती है। कुछ यही हालात हैं नारखी ब्लॉक के गांव नगला सौंठ में। गांव में प्रवेश करने पर बाहर ही कूड़े के ढेर दिखाई देते हैं, जो गांव में स्वच्छता की पोल खोल देते हैं।
नगला सौंठ में मंदिर वाली गली में जाने पर सड़क पर गंदगी दिखाई देती है। ऐसा लगता है कि सड़क पर कचरा बिखेर दिया हो। गली कच्ची पड़ी है तो कई घरों का पानी बहकर गली में ही बह रहा है। हिन्दु्स्तान ने बोले फिरोजाबाद के तहत नारखी ब्लॉक के गांव नगला सौंठ के मंदिर वाली गली के वाशिंदों से संवाद किया तो लोगों की जुबां पर सिर्फ एक ही बात थी आखिर इस गली का निर्माण क्यों नहीं कराया जा रहा है। महिलाएं घरों से निकल रहे गंदे पानी को दिखाते हए कहती हैं कि नालियां तक नहीं बनवाई गई हैं। एक महिला घर के निकट खाली प्लॉट में पड़ी गंदगी को दिखाते हुए कहती है कि यहां पर पूरी गंदगी फेंकी जाती है। वहीं गली में पड़ी गंदगी को दिखाते हुए लोग कहते हैं कि कचरा पड़ा हुआ है। कोई सफाई कर्मचारी भी नियमित रूप से सफाई करने नहीं आता है। लोगों का कहना था कि जब बरसात होती है तो पूरी गली दलदल बन जाती है। जगह-जगह पर पानी भर जाता है। बुजुर्गों एवं महिलाओं को निकलने में भी मुश्किल होती है। गली में हो रहे गड्ढों से परेशान गली के लोगों ने अपने धन से गली में मिट्टी डलवाई है। लोगों का कहना है कि जब गली से निकलना मुश्किल हो रहा था तब भी सचिव या किसी ने गली में रहने वालों की समस्याएं को नहीं समझा। लोगों को अपनी जेब से गली में मिट्टी पड़वानी पड़ी। लोगों का कहना है कि गांव के बाहर ही कूड़े के ढेर लग रहे हैं तो इस तरफ कोई ध्यान नहीं देता है। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक के अधिकारियों को इस समस्या की तरफ ध्यान देना चाहिए, ताकि इस गली में रहने वाले भी आसानी से राह गुजर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई न होने से बीमारियां फैलने का भी खतरा बढ़ रहा है। विधायक से भी मिल चुके बाशिंदे:मंदिर वाली गली न बनने के कारण क्षेत्र के लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रीयजन इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक से भी मिल चुके हैं तथा उन्हें भी पूरी समस्या बता चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी उनकी गली की समस्या का निदान नहीं हो सका है। हमारी गली आज तक नहीं बन सकी है। गली में मिट्टी पड़ी हई है तो हर तरफ गंदगी है। यहां से निकलते वक्त भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार कहने पर भी किसी के द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। - इमराना पूरी गली का हाल बेहाल है। लोगों ने खुद घरों के सामने किसी तरह से मिट्टी डालकर जाने की रास्ता बनाई है। हमारे परिवार में अगले महीने शादी है। घर पर बरात आएगी। इस मार्ग से बराती आएंगे तो क्या संदेश जाएगा इस गांव के प्रति लोगों के मन में। - राम नरेश कोई सफाई करने वाला भी नहीं आता है। गंदगी में से निकलना मुश्किल हो जाता है, लेकिन इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है। वोट मांगते वक्त नेता वायदे तो करते हैं, लेकिन बाद में समस्या को देखना भी जरूरी नहीं समझते हैं। - रमाकांत सारस्वत गली में रहने वालों की समस्या की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। कई घरों का पानी भी गली में बह रहा है। गली न बन पाने से मकानों के सामने की जगह में भी पानी भर रहा है। प्लॉट में गंदे पानी के भर जाने से बीमारियों का भी खतरा बढ़ रहा है। - कृष्ण कांत सारस्वत यहां पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गली का निर्माण न होने से समस्याएं खड़ी हो रही हैं। इसके बाद भी ब्लॉक के अधिकारियों, प्रधान, सचिव का इस तरफ ध्यान नहीं है। - इमराना एक तरफ सरकार स्वच्छता की बात करती है। नेता खुद झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश देते हैं, लेकिन हमारे गांव की इन गलियों में कभी कोई सफाई कर्मी भी नहीं आता है। लोगों को खुद ही नालियां साफ करनी पड़ती हैं तो गली में भी हर वक्त गंदगी रहती है। - राधेश्याम दो प्रधानों से आश्वासन सुन चुके हैं। चुनाव के वक्त हर कोई आश्वासन देता है, लेकिन उसके बाद में किसी ने भी इस गली का निर्माण कराने की जरूरत नहीं समझी। कम से कम इस गली को बनवा दें, ताकि यहां रहने वालों को समस्याओं से निजात मिल जाए। - आसिफ गांव में कई जगह सीसी सड़क का निर्माण हो गया है, लेकिन इस गली में विकास के नाम पर एक रुपया नहीं लगा है। गली के गड्ढे भरवाने के नाम पर भी यहां पर कचरा फिंकवाया है। पूरी गली में हर तरफ गंदगी दिखाई दे रही है। - हमीद खां हमारी गली का आज तक निर्माण नहीं हो सका है। हल्की सी बरसात से गली में पानी भर जाता है। यहां से बच्चों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है। इसके बाद भी किसी के द्वारा इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। - जमुना प्रसाद सारस्वत काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गली में कचरा पड़ रहा है। इस कारण से गली से निकलना भी मुश्किल हो जाता है, लेकिन ब्लॉक के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि तक सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। - राकेश गांव में घरों में पानी पहुंचाने के कोई सरकारी इंतजाम नहीं हैं। बड़ी समस्या होती है। प्रधान से कई बार कहा है कि इस गली को बनवा दें, लेकिन आज तक गली भी नहीं बन सकी है। - गुलफाम

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